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बेला में गाजेबाजे के साथ निकाली गई कलश यात्रा
Updated Tue, 23 Oct 2018 01:41 AM IST
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संभल/असमोली। क्षेत्र के गांव बेला में श्रीमद्भागवत कथा से पहले गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में शामिल महिलाएं पीले वस्त्र धारण कर और सिर पर कलश लेकर चल रहीं थीं। भजन-कीर्तन से भक्तिमय माहौल में दर्शक सराबोर हो गए। विभिन्न मार्गों से होते हुए कलश यात्रा चामुंडा देवी पहुंचकर संपन्न हुई। असमोली के बेला गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को कथा से पहले मां चामुंडा देवी से कलश यात्रा निकाली गई। कथावाचक नीलम शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण करने से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग खुलता है। कलियुग में सत्संग और भजनों की विशेष महत्ता है। इसलिए मानव को जिंदगी में से समय निकालकर भगवान नाम का स्मरण करना चाहिए। इस मौके पर विशेष शर्मा, अतर सिंह सैनी, डा. दीपक सैनी, सोविंद्र प्रजापति, विवेक शर्मा आदि का सहयोग रहा।
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