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रमजानुल मुबारक का दूसरा अशरा आज से,मग्फिरत के लिए इबादत करेगें रोजेदार
Updated Mon, 28 May 2018 01:24 AM IST
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रमजानुल मुबारक का दूसरा अशरा आज से
संभल/ओबरी।
रमजानुल मुबारक के पाक महीने में रोजेदार गर्मी का सितम सहकर खुदा की इबादत कर रहे हैं। इस पाक महीने को तीन भागों में बांटा गया है। माहे रमजान का चांद दिखते ही रहमतों भरा पहला अशरा शुरू हो जाता है। रमजान माह के पहले 10 दिन में की गई इबादत रहमतों का जरिया बन जाती है। जिसमें रोजेदार अल्लाह से रहम की दुआ मांगते हैं। पाकीजा गिजा से गरीब, यतीम, बेसहारा लोगों को रोजा इफ्तार कराया और खुद किया, तो नबी ए पाक फरमान है। ऐसे लोगों को आखिरत में रहमत नसीब होगी। रहमतों का यह अशरा रविवार को खत्म हो गया। रमजानुल मुबारक का दूसरा अशरा मगफिरत का है जो सोमवार से शुरू हो गया। 20 वें रोजे तक चलने वाले इस अशरे में रोजेदार मगफिरत के लिए दिन रात इबादत में मशगूल रहेंगे। इस अशरे में बंदों को खुदा की बारगाह में अपने गुनाहों से तौबा करनी चाहिए। इस अशरे के दिनों में की गई इबादत गुनाहों से मगफिरत का जरिया बन जाती है। इस माह का तीसरा अशरा जहन्नुम से आजादी के लिए होता है। साथ ही मस्जिदों में एतिकाफ का दौर भी शुरू हो जाएगा।
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संभल/ओबरी।
रमजानुल मुबारक के पाक महीने में रोजेदार गर्मी का सितम सहकर खुदा की इबादत कर रहे हैं। इस पाक महीने को तीन भागों में बांटा गया है। माहे रमजान का चांद दिखते ही रहमतों भरा पहला अशरा शुरू हो जाता है। रमजान माह के पहले 10 दिन में की गई इबादत रहमतों का जरिया बन जाती है। जिसमें रोजेदार अल्लाह से रहम की दुआ मांगते हैं। पाकीजा गिजा से गरीब, यतीम, बेसहारा लोगों को रोजा इफ्तार कराया और खुद किया, तो नबी ए पाक फरमान है। ऐसे लोगों को आखिरत में रहमत नसीब होगी। रहमतों का यह अशरा रविवार को खत्म हो गया। रमजानुल मुबारक का दूसरा अशरा मगफिरत का है जो सोमवार से शुरू हो गया। 20 वें रोजे तक चलने वाले इस अशरे में रोजेदार मगफिरत के लिए दिन रात इबादत में मशगूल रहेंगे। इस अशरे में बंदों को खुदा की बारगाह में अपने गुनाहों से तौबा करनी चाहिए। इस अशरे के दिनों में की गई इबादत गुनाहों से मगफिरत का जरिया बन जाती है। इस माह का तीसरा अशरा जहन्नुम से आजादी के लिए होता है। साथ ही मस्जिदों में एतिकाफ का दौर भी शुरू हो जाएगा।