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जीएसटी की तर्ज पर किसानों के हित में बिल पारित क्यों नहीं कराती सरकार-बीएम सिंह
Updated Sun, 30 Sep 2018 01:10 AM IST
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संभल। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष बीएम सिंह किसानों के मुद्दों पर गांव फत्तेपुर सराय में किसानों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि कर्ज मुक्त किसान और फसलों का डेढ़ गुना दाम दिलाने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में दो प्राइवेट मेंबर बिल लाए गए हैं। जिस जीएसटी बिल को पारित करने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में रात्रि में संसद चली थी उसी तर्ज पर किसानों के हित में यह दोनों बिल पारित किए जाएं।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर सरकार के समक्ष अपनी बात रखने के लिए देश भर के किसान रामलीला मैदान में 27,28 29 नवंबर को दिल्ली में धरना देकर प्रदर्शन करेंगे। क्योंकि लोकसभा के चुनाव सिर पर है और इस वक्त लोहा गर्म है। अगर किसान दिल्ली में अपनी ताकत दिखा पाए तो आंदोलन सफल हो जाएगा। इस मौके पर फत्तेपुर सराय में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के करतार सिंह के पिता को उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की। यह भी कहा कि उनकी सामाजिक सेवाओं को याद किया जाएगा। संगठन के जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह, लोकतंत्र सेनानी महीपाल सिंह समेत तमाम कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भागीदारी रही।
गन्ना मूल्य के साथ ब्याज भी देना पड़ेगा
संभल। किसान नेता बीएम सिंह ने कहा कि गन्ना मूल्य के साथ चीनी मिलों को ब्याज भी देना पड़ेगा। हाईकोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार को निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार अब अगर देरी करती है तो वह एक बार फिर कोर्ट जाएंगे। चीनी मिलों को ब्याज और मूल धन का भुगतान करना ही पड़ेगा। उन्होंने 11,000 करोड़ के बकाया गन्ना मूल्य और 2500 करोड़ के बकाया ब्याज के भुगतान के संबंध राज्य सरकार को आड़े हाथ लिया। योगी और मोदी सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि योगी और मोदी जी बताएं कि 50 लाख गन्ना किसानों की अनदेखी कर चंद चीनी मिल मालिकों को आर्थिक मदद के पैकेज क्यों दिए जा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर सरकार के समक्ष अपनी बात रखने के लिए देश भर के किसान रामलीला मैदान में 27,28 29 नवंबर को दिल्ली में धरना देकर प्रदर्शन करेंगे। क्योंकि लोकसभा के चुनाव सिर पर है और इस वक्त लोहा गर्म है। अगर किसान दिल्ली में अपनी ताकत दिखा पाए तो आंदोलन सफल हो जाएगा। इस मौके पर फत्तेपुर सराय में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के करतार सिंह के पिता को उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की। यह भी कहा कि उनकी सामाजिक सेवाओं को याद किया जाएगा। संगठन के जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह, लोकतंत्र सेनानी महीपाल सिंह समेत तमाम कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भागीदारी रही।
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गन्ना मूल्य के साथ ब्याज भी देना पड़ेगा
संभल। किसान नेता बीएम सिंह ने कहा कि गन्ना मूल्य के साथ चीनी मिलों को ब्याज भी देना पड़ेगा। हाईकोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार को निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार अब अगर देरी करती है तो वह एक बार फिर कोर्ट जाएंगे। चीनी मिलों को ब्याज और मूल धन का भुगतान करना ही पड़ेगा। उन्होंने 11,000 करोड़ के बकाया गन्ना मूल्य और 2500 करोड़ के बकाया ब्याज के भुगतान के संबंध राज्य सरकार को आड़े हाथ लिया। योगी और मोदी सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि योगी और मोदी जी बताएं कि 50 लाख गन्ना किसानों की अनदेखी कर चंद चीनी मिल मालिकों को आर्थिक मदद के पैकेज क्यों दिए जा रहे हैं।
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