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चीन की धमकी, आग के साथ न खेले भारत
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 16 Feb 2017 11:48 AM IST
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चीन की आधिकारिक मीडिया ने बुधवार को भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि ताइवान के साथ संबंध बढ़ाकर वह चीन के सबसे संवेदनशील मुद्दे को चुनौती दे रहा है और इसकी वजह से भारत को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
चीनी मीडिया ने यह चेतावनी ताइवान की एक महिला संसदीय दल की भारत यात्रा के दौरान दी है। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने ‘न्यू दिल्ली विल सफर लूजेज इफ इट प्लेज ताइवान कार्ड’ नामक लेख में लिखा है कि ताइवान के मुद्दे पर चीन को चुनौती देकर भारत, आग से खेलने का काम कर रहा है।
ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि जिस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ताइवान के मुद्दे पर चीन को चुनौती देने के सवाल पर विराम लगा चुके हैं और अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए ‘एक चीन’ नीति का सम्मान करने लगे हैं तो ऐसे समय में भारत, ‘एक चीन’ की नीति के विरोध में आगे बढ़ रहा है।
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ताइवान के सांसदों के दल की भारत यात्रा पर सवाल उठाते हुए लेख में कहा गया कि भारत और ताइवान के बीच उच्च-स्तरीय वार्ताएं सामान्य नहीं हैं तो फिर भारत ने उन्हें इस समय यात्रा पर क्यों बुलाया। ताइवान के राष्ट्रपति साइ इंग-वेन के प्रशासन संभालने के बाद यह पहली ऐसी यात्रा है। पिछले साल चुनाव जीतने वाले साइ, चीन से ताइवान की स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक हैं।
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चीनी मीडिया ने यह चेतावनी ताइवान की एक महिला संसदीय दल की भारत यात्रा के दौरान दी है। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने ‘न्यू दिल्ली विल सफर लूजेज इफ इट प्लेज ताइवान कार्ड’ नामक लेख में लिखा है कि ताइवान के मुद्दे पर चीन को चुनौती देकर भारत, आग से खेलने का काम कर रहा है।
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ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि जिस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ताइवान के मुद्दे पर चीन को चुनौती देने के सवाल पर विराम लगा चुके हैं और अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए ‘एक चीन’ नीति का सम्मान करने लगे हैं तो ऐसे समय में भारत, ‘एक चीन’ की नीति के विरोध में आगे बढ़ रहा है।
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ताइवान के सांसदों के दल की भारत यात्रा पर सवाल उठाते हुए लेख में कहा गया कि भारत और ताइवान के बीच उच्च-स्तरीय वार्ताएं सामान्य नहीं हैं तो फिर भारत ने उन्हें इस समय यात्रा पर क्यों बुलाया। ताइवान के राष्ट्रपति साइ इंग-वेन के प्रशासन संभालने के बाद यह पहली ऐसी यात्रा है। पिछले साल चुनाव जीतने वाले साइ, चीन से ताइवान की स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक हैं।
चीन ताइवान को अपना ही अंग मानता है
China not to sit idle if India sells missiles to Vietnam: Reports
चीन ताइवान को अपना ही अंग मानता है। इसे देखते हुए वह किसी भी ऐसे देश जिसके साथ उसके डिप्लोमैटिक संबंध है, के साथ डिप्लोमैटिक और राजनैतिक संबंध का विरोध करता है।
चीन के कम्युनिस्ट पार्टी 'पीपुल्स डेली' ने अपने लेख में लिखा है, कुछ भारतीय रणनीतिकारों ने मोदी सरकार को सुझाव दिया है कि वह ताइवान कार्ड खेलें।
चीन के कम्युनिस्ट पार्टी 'पीपुल्स डेली' ने अपने लेख में लिखा है, कुछ भारतीय रणनीतिकारों ने मोदी सरकार को सुझाव दिया है कि वह ताइवान कार्ड खेलें।