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छत्तीसगढ़: विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आदेश जारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
Sun, 18 Oct 2026 04:36 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 18 Oct 2026 04:36 PM IST
सार
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने का आधिकारिक आदेश जारी नहीं होने से राज्य के शिक्षकों में असमंजस और नाराजगी बढ़ रही है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने का आधिकारिक आदेश जारी नहीं होने से राज्य के शिक्षकों में असमंजस और नाराजगी बढ़ रही है। कई दौर की बातचीत और आश्वासनों के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर शिक्षक साझा मंच ने सरकार को प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंच ने स्कूल शिक्षा विभाग से जल्द निर्णय लेते हुए परीक्षा के आयोजन के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग उठाई है। शिक्षकों का कहना है कि विभागीय परीक्षा का मामला उनकी सेवा सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे लंबे समय तक लटका कर रखना अनुचित है।
बैठकों के बाद भी आदेश न मिलने से नाराजगी
विभागीय परीक्षा के मुद्दे पर शिक्षक साझा मंच की मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ दो बार चर्चा हो चुकी है। इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी तीन दौर की वार्ता हुई है। इन बैठकों के दौरान वर्ष में तीन बार विभागीय परीक्षा का प्रस्ताव सामने आया था। बैठकों में सहमति बनने और विभागीय परीक्षा करने का भरोसा मिलने के बाद भी आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। केवल बैठकों और मौखिक आश्वासनों से शिक्षकों की चिंता दूर नहीं हो सकती, इसलिए विभाग को औपचारिक फैसला लेकर दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। इससे शिक्षक आगे की प्रक्रिया के लिए अपनी तैयारी कर सकेंगे।
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पुराने शिक्षकों को राहत देने की मांग
वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी प्रावधानों से राहत देने की मांग उठ रही है। शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं का समाधान केवल बैठकों तक सीमित रखने के बजाय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और राज्य सरकार के आश्वासनों के अनुरूप स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। यदि स्कूल शिक्षा विभाग इस विषय पर जल्द निर्णय नहीं लेता है, तो शिक्षक अपने हितों की रक्षा के लिए आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे। परीक्षा की पात्रता शर्तों, आवेदन प्रक्रिया, संभावित समय-सारणी तथा अन्य जरूरी प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी देना बहुत जरूरी है। मंच सेवा सुरक्षा और वरिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति जैसे मुद्दों पर लगातार आवाज उठाता रहेगा।
एकजुटता के साथ राज्य स्तरीय बैठक की तैयारी
सेवा सुरक्षा, विभागीय परीक्षा और पूर्व सेवा गणना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावी ढंग से बात रखने के लिए सभी शिक्षक संगठनों का एकजुट होना आवश्यक है। इसके लिए शिक्षक साझा मंच प्रांतीय स्तर पर बैठक की तैयारी में जुटा है। इस बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों को एक साथ लाकर साझा रणनीति बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। शिक्षक प्रतिनिधियों का मानना है कि सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग वार्ता में बनी सहमति पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट करे और आगे की कार्ययोजना घोषित करें।
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मंच ने स्कूल शिक्षा विभाग से जल्द निर्णय लेते हुए परीक्षा के आयोजन के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग उठाई है। शिक्षकों का कहना है कि विभागीय परीक्षा का मामला उनकी सेवा सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे लंबे समय तक लटका कर रखना अनुचित है।
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बैठकों के बाद भी आदेश न मिलने से नाराजगी
विभागीय परीक्षा के मुद्दे पर शिक्षक साझा मंच की मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ दो बार चर्चा हो चुकी है। इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी तीन दौर की वार्ता हुई है। इन बैठकों के दौरान वर्ष में तीन बार विभागीय परीक्षा का प्रस्ताव सामने आया था। बैठकों में सहमति बनने और विभागीय परीक्षा करने का भरोसा मिलने के बाद भी आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। केवल बैठकों और मौखिक आश्वासनों से शिक्षकों की चिंता दूर नहीं हो सकती, इसलिए विभाग को औपचारिक फैसला लेकर दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। इससे शिक्षक आगे की प्रक्रिया के लिए अपनी तैयारी कर सकेंगे।
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पुराने शिक्षकों को राहत देने की मांग
वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी प्रावधानों से राहत देने की मांग उठ रही है। शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं का समाधान केवल बैठकों तक सीमित रखने के बजाय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और राज्य सरकार के आश्वासनों के अनुरूप स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। यदि स्कूल शिक्षा विभाग इस विषय पर जल्द निर्णय नहीं लेता है, तो शिक्षक अपने हितों की रक्षा के लिए आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे। परीक्षा की पात्रता शर्तों, आवेदन प्रक्रिया, संभावित समय-सारणी तथा अन्य जरूरी प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी देना बहुत जरूरी है। मंच सेवा सुरक्षा और वरिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति जैसे मुद्दों पर लगातार आवाज उठाता रहेगा।
एकजुटता के साथ राज्य स्तरीय बैठक की तैयारी
सेवा सुरक्षा, विभागीय परीक्षा और पूर्व सेवा गणना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रभावी ढंग से बात रखने के लिए सभी शिक्षक संगठनों का एकजुट होना आवश्यक है। इसके लिए शिक्षक साझा मंच प्रांतीय स्तर पर बैठक की तैयारी में जुटा है। इस बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों को एक साथ लाकर साझा रणनीति बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। शिक्षक प्रतिनिधियों का मानना है कि सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग वार्ता में बनी सहमति पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट करे और आगे की कार्ययोजना घोषित करें।