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Raipur: CA फर्म में लाखों की चोरी का खुलासा, पूर्व कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड;30 घंटे में 7.80 लाख रुपये बरामद
Thu, 23 Jul 2026 07:56 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 23 Jul 2026 07:56 PM IST
सार
सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थित एक चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म से लाखों रुपये की चोरी का मामला पुलिस ने 30 घंटे के भीतर सुलझा लिया। मामले में फर्म के पूर्व कर्मचारी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7.80 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थित एक चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म से लाखों रुपये की चोरी का मामला पुलिस ने 30 घंटे के भीतर सुलझा लिया। मामले में फर्म के पूर्व कर्मचारी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7.80 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी उमेश पोर्ते पहले संबंधित कार्यालय में काम कर चुका था। नौकरी के दौरान उसे कार्यालय में नकदी रखने की व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाते हुए उसने अपने साथी लक्ष्मीनारायण ध्रुव के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची।
घटना 21 जुलाई की है, जब सुबह कार्यालय पहुंचने पर कैश काउंटर का ताला टूटा मिला और उसमें रखी नकदी गायब थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की।
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जांच के दौरान संदेह उमेश पोर्ते पर गया। पुलिस ने बिलासपुर में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली और अपने साथी की भूमिका का भी खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने लक्ष्मीनारायण ध्रुव को भी गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की 7.80 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली गई। पुलिस के अनुसार, उमेश पोर्ते के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी उमेश पोर्ते पहले संबंधित कार्यालय में काम कर चुका था। नौकरी के दौरान उसे कार्यालय में नकदी रखने की व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाते हुए उसने अपने साथी लक्ष्मीनारायण ध्रुव के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची।
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घटना 21 जुलाई की है, जब सुबह कार्यालय पहुंचने पर कैश काउंटर का ताला टूटा मिला और उसमें रखी नकदी गायब थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की।
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जांच के दौरान संदेह उमेश पोर्ते पर गया। पुलिस ने बिलासपुर में दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली और अपने साथी की भूमिका का भी खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने लक्ष्मीनारायण ध्रुव को भी गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की 7.80 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली गई। पुलिस के अनुसार, उमेश पोर्ते के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।