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कोंडागांव में छात्रों का प्रदर्शन: न्यायालय भवन का निर्माण रोकने को सड़क पर उतरे छात्र, प्रशासन ने लौटाया
Thu, 27 Nov 2025 04:49 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव
Published by: आकाश दुबे
Updated Thu, 27 Nov 2025 04:49 PM IST
सार
एसडीएम ने बच्चों को आश्वस्त किया कि आज से स्कूल परिसर में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होगा। इसके साथ ही सोमवार को न्यायालय डीजे कोंडागांव से उनकी प्रत्यक्ष बातचीत भी करवाई जाएगी। इस भरोसे के बाद बच्चे वापस स्कूल लौटे
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प्रस्तावित नवीन न्यायालय भवन के निर्माण का विरोध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पीएम श्री स्वामी आत्मानंद स्कूल के महात्मा गांधी वार्ड के परिसर में प्रस्तावित नवीन न्यायालय भवन के निर्माण का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा। आज तीसरे दिन फिर छात्र सड़क पर उतरे और पैदल मार्च करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-30 से न्यायालय भवन की ओर गए। लोगों का कहना है कि हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि छोटे-छोटे बच्चे भी सिस्टम पर सवाल उठाने को मजबूर हो गए हैं।
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मार्च के दौरान पुलिस ने एनएच-30 पर बैरिकेडिंग लगाकर बच्चों को रोका, लेकिन बढ़ते जनाक्रोश के सामने पुलिस-प्रशासन असहाय दिखा। प्रशासन की ओर से विरोध को संभालने के बजाय रोकने का प्रयास कहीं भी प्रभावी नजर नहीं आया। न्यायालय से करीब 500 मीटर पहले एसडीएम कोंडागांव अजय उरांव मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की।
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एसडीएम ने बच्चों को आश्वस्त किया कि आज से स्कूल परिसर में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होगा। इसके साथ ही सोमवार को न्यायालय डीजे कोंडागांव से उनकी प्रत्यक्ष बातचीत भी करवाई जाएगी। इस भरोसे के बाद बच्चे वापस स्कूल लौटे, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने शासन-प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया।
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बच्चों का तीन दिन लगातार सड़क पर उतरना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि स्थानीय लोगों की भावनाओं और चिंताओं को प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। जो काम संवाद से सुलझाया जा सकता था, वह लापरवाही की वजह से विरोध का बड़ा रूप ले चुका है। छात्रों का आंदोलन यह संदेश देता है कि विकास कार्य जनता की सहमति के बिना नहीं थोपे जा सकते। कोंडागांव में शासन-प्रशासन की ढिलाई ने न सिर्फ हालात बिगाड़े बल्कि छोटे-छोटे विद्यार्थियों को भी संघर्ष की राह पर ला खड़ा किया।