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रायपुर सूटकेस मर्डर केस का खुलासा: वकील ही निकला हत्यारा, पैसों के लिए पत्नी संग की हत्या, ऐसे बनाया योजना

Wed, 25 Jun 2025 06:23 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Wed, 25 Jun 2025 06:23 PM IST
सार

Raipur suitcase murder case: सूटकेस मर्डर कांड का खुलासा रायपुर पुलिस कर दी है। आरोपी ने पैसे के मामले को लेकर मृतक की हत्या की थी। घटना का मास्टर माइंड आरोपी अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नि शिवानी शर्मा समेत चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
 

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Raipur suitcase murder case revealed: Wife was murdered for money, this is how the plan was made
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सूटकेस मर्डर कांड का खुलासा रायपुर पुलिस कर दी है। आरोपी ने पैसे के मामले को लेकर मृतक की हत्या की थी। आरोपियों ने थाना डीडी नगर थाना क्षेत्रांतर्गत इन्द्रप्रस्थ कालोनी स्थित किराये के मकान में हत्या की घटना को अंजाम दिये थे। घटना की मास्टर माइंड आरोपी अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नि शिवानी शर्मा समेत चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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बीते 23 जून को पुलिस को सूचना मिली कि इन्द्रप्रस्थ कालोनी रायपुरा स्थित वण्डरलैण्ड वाटर पार्क के पीछे डिपरापारा नाला के पास रोड किनारे एक लावारिश हालात में एक टिन का पेटी पड़ा हुआ है जिससे बदबू आ रही है। सूचना के बाद मौके पर घटना स्थल पहुंचे टीम को एक टिन की पेटी के अंदर रखें लाल रंग के सूटकेश के अंदर एक अज्ञात पुरुष का शव रखा है। इतना ही नहीं शव के उपर सीमेंट डाला गया था। साथ ही मृतक का दोनों पैर बंधा हुआ था। आरोपियों ने मृतक की हत्या कर उसके उपर सीमेंट छिडकर ट्राली बैग में टिन की पेटी में डालकर शव को सूनसान स्थान पर फेंक दिया गया।
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जांच में जुटी पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए एंटी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट और थाना डीडी नगर पुलिस की पांच अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा सर्वप्रथम घटना स्थल पर पहुंचकर घटना स्थल को सुरक्षित किया गया। सभी पहलुओं का बारिकी से निरीक्षण व जांच प्रारंभ करते हुये फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड की मदद लेकर आसपास के लोगों से पूछताछ करना प्रारंभ किया गया। घटना स्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों को खंगालने के साथ ही प्रकरण में मुखबीर लगाया गया। 
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इसी दौरान अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी में लगी टीम के सदस्यों को मुखबीर से जानकारी मिली कि डीडी नगर स्थित इन्द्रप्रस्थ कालोनी के डी ब्लॉक से एक अल्टो वाहन में तीन पुरूष और एक महिला अपने अल्टो कार में एक बड़ा पेटी को रखकर ले गये है। जिसकी तस्दीक के लिए कालोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों को देखने पर उक्त तथ्य की पुष्टि की गई। इसके साथ वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होने पर वाहन स्वामी की पहचान किया गया। वाहन स्वामी से पूछताछ करने पर उसके द्वारा वाहन को एक माह पूर्व अंकित उपाध्याय निवासी सत्यम विहार रायपुरा डीडी नगर रायपुर नामक व्यक्ति के पास बिक्री करना बताया। 
 
दूसरी टीम द्वारा घटना स्थल पर मिले टिन की पेटी के संबंध में जानकारी एकत्र करने पर उक्त पेटी थाना गोलबाजार क्षेत्रांतर्गत पेटी लाईन स्थित शब्बीर स्टील ट्रंक फैक्ट्री के प्रोपराईटर हब्बू भाई से आरोपियों द्वारा क्रय करना पाया गया। पूछताछ में हब्बू भाई ने दिनांक 22 जून को एक पुरूष और एक महिला द्वारा पेटी को क्रय करना बताने के साथ ही पैसे का भुगतान ऑनलाइन करना बताया गया। जिस पर सायबर सेल के माध्यम से टीम के सदस्यों द्वारा ऑनलाइन भुगतान किये गये खाते का संपूर्ण विवरण प्राप्त किया गया। जिस पर से खाता धारक शिवानी शर्मा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई। इसके साथ ही टिन की पेटी को जिस आटो चालक द्वारा बताये स्थान पर छोड़ा गया था उस आटो चालक की पतासाजी कर पूछताछ करने पर उसके द्वारा उक्त टिन की पेटी को इन्द्रप्रस्थ कालोनी डीडी नगर के रूम नंबर डी/321 में छोड़ना बताया गया। 

घटना को अंजाम देकर हो गए थे फरार
टीम के सदस्यों द्वारा रूम नंबर डी/321 के संबंध में मकान मालिक छोटे खान निवासी करबलापारा आजाद चौक रायपुर से पूछताछ करने पर उक्त रूम को एक सप्ताह पूर्व ही अंकित उपाध्याय एवं शिवानी शर्मा को किराये में देना बताया गया। संपूर्ण पूछताछ व तकनीकी विश्लेषण पर आरोपियों की पुष्टि होने पर आरोपी अंकित उपाध्याय एवं शिवानी शर्मा के संबंध में पतासाजी करने पर ज्ञात हुआ कि रिश्ते में दोनों पति-पत्नि है तथा घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए दिल्ली फरार हो गये है। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपियों के भागने के साधन के रायपुर एयरपोर्ट से जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि दोनों 23 जून को रात्रि लगभग 09:40 बजे की दिल्ली की फ्लाईट से  दिल्ली फरार हो गये है। 

आरोपियों को दिल्ली से किया गया गिरफ्तार 
इस पर पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज, रायपुर अमरेश मिश्रा तथा पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा तत्काल इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली के प्रभारी अधिकारी सहित मुख्य सुरक्षा अधिकारी आईजीआई एयरपोर्ट नई दिल्ली को प्रकरण व आरोपियों के संबंध में जानकारी साझा करते हुये आरोपियों को अभिरक्षा में लेने कहा गया। हवाई जहाज के दिल्ली एयरपोर्ट में लैण्ड करते ही एयरपोर्ट में लगे सुरक्षा अधिकारियों द्वारा दोनों आरोपियों को अपने अभिरक्षा में लिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में रायपुर क्राईम ब्रांच की एक टीम को तत्काल दिल्ली के लिए रवाना किया गया।

ये था पूरा मामला
टीम के सदस्यों द्वारा दिल्ली पहुंचकर आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी अंकित उपाध्याय ने बताया कि वह पेशे से वकील होने के साथ ही जमीन, मकान खरीदी-बिक्री का काम करता है। साथ ही बताया कि मृतक किशोर पैकरा (58साल) निवासी हाण्डीपारा एच एम टी चौक पास आजाद चौक रायपुर इसका पक्षकार था। मृतक किशोर पैकरा आजाद चौक स्थित अपने मकान को चंद्रप्रकाश कुर्रे निवासी बेलटुकरी खरोरा जिला रायपुर को वर्ष 2015-16 में 50 लाख रूपये में बिक्री कर दिया था। किशोर पैकरा द्वारा क्रेता को उक्त मकान का कब्जा न देकर न्यायालय में क्रेता के खिलाफ आवेदन पत्र दिया था। इस बात की जानकारी मृतक किशोर पैकरा द्वारा आरोपी अंकित उपाध्याय को देने पर आरोपी अंकित उपाध्याय द्वारा किशोर पैकरा को कहा गया कि वह हाईकोर्ट से उसके उक्त मकान को वापस दिला देगा और इसके एवज में आरोपी अंकित उपाध्याय अलग-अलग किश्तों में अलग-अलग कार्य के नाम से पैसा लेता था। मृतक किशोर पैकरा के बजरंग नगर के मकान को 30 लाख रूपये में अन्य व्यक्ति को बिक्री कर दिया था। उक्त बिक्री रकम को आरोपी अंकित उपाध्याय मृतक किशोर पैकरा से लेकर अपने निजी कार्य में उपयोग कर लिया था। 

ऐसे बनाया योजना
जिस पर किशोर पैकरा अपने पैसा को बार-बार आरोपी अंकित उपाध्याय से मांगता था। अंकित उपाध्याय मृतक किशोर पैकरा को अपने झांसे में लेकर मैं तुम्हारा देखभाल करूंगा और रोज खाना खिलाउंगा कहा, फिर भी मृतक द्वारा प्रतिदिन अंकित उपाध्याय से पैसों की मांग कर उसे ताना मारने के साथ ही अलग - अलग जगह से खाना खाने की मांग करता था। जिससे आरोपी अंकित उपाध्याय परेशान होकर उक्त सभी बातों को अपनी पत्नि शिवानी शर्मा को बताया। फिर दोनों किशोर पैकरा की हत्या करने की योजना बनाये। योजना के तहत् आरोपी अंकित उपाध्याय ने स्वयं डिजाइन कर अपना फर्जी आधार कार्ड बनाया जिसमें अपना पता कोरबा होना लेख किया। इसी फर्जी आधार कार्ड के आधार पर उसने धमतरी के बलियारा ग्राम निवासी एक व्यक्ति से पुरानी अल्टो कार क्रमांक सी जी 04 बी 7744 को 60 हजार रुपये में खरीदा। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से किशोर पैकरा की हत्या करने के लिये एक किराये का मकान इन्द्रप्रस्थ कालोनी में दिनांक 19 जून को लिया। दिनांक 21 जून को सुबह अंकित उपाध्याय अपने घर सत्यम विहार रायपुरा से अल्टो कार से किशोर पैकरा के घर हाण्डीपारा आजाद चौक गया। किशोर पैकरा को झूठ बोलकर कि तुम्हारे घर की सफाई कराना है तब तक तुम मेरे किराये के मकान में इन्द्रप्रस्थ कालोनी में रहना कहकर अपने साथ कार में बैठाकर इन्द्रप्रस्थ कालोनी स्थित रूम नंबर डी/321 किराये के मकान में ले गया थोड़ी देर बाद उसकी पत्नि शिवानी शर्मा भी वहां दोपहिया वाहन से आयी। योजना के अनुसार सुबह करीबन दस बजे आरोपी अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नि शिवानी शर्मा ने किशोर पैकरा की हत्या करने के लिये अंकित उपाध्याय उसकी छाती में बैठकर उसका गला दबाया। उसकी पत्नि मृतक के पैर को पकड़ी थी इसी दौरान अंकित उपाध्याय अपने पास रखें चाकू से भी मृतक के गले में वार कर उसकी हत्या कर दिये।

ऐसे लगाया शव को ठिकाना
शव को रूम में छोडकर दोनों अपने घर सत्यम विहार कालोनी चले गये। शाम को दोनों पुनः इन्द्रप्रस्थ कालोनी के उसी रूम में गये। किशोर पैकरा के शव से निकले खून को टॉवेल से पोंछ दिये और उसके शव को रूम में पहले से रखें एक लाल रंग के ट्राली बैग में डालकर उस पर परफ्यूम स्प्रे किये और रूम बंद कर दिये और घर चले गये। रात्रि दोनों गोलबाजार पेटी लाइन जाकर एक दुकान से एक टिन की पेटी आर्डर किये। अगले दिन दिनांक 22 जून को सुबह करीबन 09:30 बजे दोनों रूम में जाकर हत्या में प्रयोग किये गये चाकू एवं खून लगे टॉवेल को प्लास्टिक बोरी में भरकर भाठागांव के पास नाला में फेंक दिये। फिर दोनों दोपहर में आर्डर किये गये पेटी को लेने हेतु गोलबाजार पेटी लाईन गये तथा दुकान से टिन की पेटी खरीदकर ऑन लाईन पेमेंट किये और पेटी को आटो में रखवाकर इन्द्रप्रस्थ के रूम में ले गये। शव से लगातार बदबू आने से दोनों एक हार्डवेयर दुकान से सीमेंट खरीदकर रूम आये और सीमेंट को शव के उपर डालकर ट्राली बैग को बंद कर शव से भरी बैग को पेटी में डालकर पेटी को बंद कर दिये। उसके बाद दोनों अपने घर आ गये। दिनांक 23.06.25 को सुबह करीबन 08 बजे दोनों पति-पत्नि इन्द्रप्रस्थ कालोनी के रूम में गये फिर शव से भरे पेटी को उठाने की कोशिश करने पर वजन अधिक होने से नहीं उठा पाये तब वापस दोनों अपने घर सत्यम विहार गये और मदद करने के लिए अपने परिचित सूर्यकांत यदु और विनय यदु को बुलाया और उक्त घटना की जानकारी दोनों को देने पर दोनों शव को ठिकाने लगाने में मदद करने के लिए तैयार हो गये। 


इस पर चारों दो अलग-अलग दोपहिया वाहन में इन्द्रप्रस्थ कालोनी के रूम में प्रातः 09ः35 बजे गये तथा सभी अपना पहचान छिपाने हेतु अपने चेहरे को स्कार्फ से ढ़के थे। आरोपी अंकित उपाध्याय, सूर्यकांत यदु एवं विनय यदु तीनों मिलकर शव रखें पेटी को लिफ्ट के माध्यम से नीचे लाये तथा शिवानी शर्मा सीढ़ी से नीचे आयी फिर चारों मिलकर पेटी जिसमें शव रखा था को अल्टो कार की डिक्की में रखें और शव को ठिकाने लगाने हेतु घटना स्थल पर ले जाकर पेटी को नीचे उतारकर छोड़कर चले गये। उसके बाद अंकित उपाध्याय और विनय यदु अल्टो कार को कुशालपुर पुरानी बस्ती के एक गैरेज में डेन्टिंग-पेन्टिंग हेतु छोड़ दिये, शिवानी शर्मा ईथर वाहन और सूर्यकांत यदु ज्वॉय इलेक्ट्रिक वाहन को लेकर घर सत्यम विहार चले गये। आरोपी दोनों पति-पत्नि घटना को अंजाम देने के बाद रात की फ्लाईट से रायपुर से दिल्ली फरार हो गये थे। 
 
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