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Exclusive: रायपुर सूटकेस मर्डर केस;पेटी घसीटकर ले जाते दिखे हत्यारे, प्रत्यक्षदर्शी कसार ने बताई पूरी कहानी
सार
Raipur suitcase Murder Case: छ्त्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के इंद्रप्रस्थ फेस-2 कॉलोनी में सूटकेस मर्डर केस मामले में अमर उजाला ने इस हत्याकांड के चश्मदीद ऐश्वर्य कसार से खास बातचीत की।
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ग्रॉफिक: अमर उजाला डिजिटल
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
Raipur suitcase Murder Case: छ्त्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के इंद्रप्रस्थ फेस-2 कॉलोनी रायपुरा में सूटकेस मर्डर केस मामले में अमर उजाला ने इस हत्याकांड के चश्मदीद ऐश्वर्य कसार से खास बातचीत की। कॉलोनी के डी ब्लॉक के छठवीं मंजिल पर रहने वाले कसार ने बताया कि किस तरह से आरोपी हत्यारे पेटी को लिफ्ट से उतारकर घसीटकर ले जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शी ऐश्वर्य कसार ने बताया कि तीन से चार लोग स्कॉर्फ बांधे हुए थे और लिफ्ट से बाहर निकल रहे थे। पेटी काफी वजनी थी, इसलिये दो से तीन से चार लोग उसमें एक महिला भी शामिल थी। सभी पेटी को पकड़कर घसीटते हुए ले जा रहे थे। हमेशा की तरह मैं रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी के लिये जा रहा था। इस दौरान पॉवर बैंक भूल गया। जिसे लेने के लिये दोबारा लिफ्ट के पास पहुंचा तो देखा कि तीन से चार लोग स्कॉर्फ बांधे हुए बड़ी सी टीन की पेटी लेकर नीचे उतर रहे थे। लिफ्ट से बदबू आ रही थी। वहीं आरोपी अपने हावभाव से डरे सहमे लग रहे थे। वो काफी हड़बड़ी से निकल रहे थे। इस वजह से मुझे शंका हुआ। मैं दोबारा जाकर लिफ्ट में देखा कि एक लिक्विड जैसा टपक रहा था, मुझे लगा कि कहीं वो खून तो नहीं है।
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उन्होंने बताया कि आरोपी लिफ्ट से निकलकर पेटी को पहले से खड़ी कार में डाला। मैंने छठवीं मंजिल से जाकर इस घटनाक्रम को दोबारा झांककर देखा। उस दौरान तीन लोग मिलकर पेटी को कार में डाल रहे थे। उनके साथ एक लेडी भी थी। इसके बाद मैंने गार्ड और जो कॉलोनी के सिक्योरिटी देखते हैं पाठक सर , उन्हें इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने फौरन सीसीटीवी फुटेज निकाले और पुलिस को जानकारी दी। दो घंटे के अंदर पुलिस और क्राइम ब्रॉच के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हत्यारों के रूम के पास रहने वाले पड़ोसियों का भी कहना है कि आरोपी तीन से चार दिन पहले ही यहां पर आकर रह रहे थे।
कसार ने बताया कि इसके पहले भी कॉलोनी में मर्डर समेत कई घटनाएं घट चुकी हैं। बता दें कि ऐश्वर्या रविशंकर यूनिवर्सिटी में एमबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। 23 जून की सुबह 9 के आसपास वे रविशंकर यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी जा रहे थे। उनकी सूझ-बूझ और सक्रियता की वजह से कातिल तक पहुंचने में पुलिस को आसानी हुई।
जानें अब तक की वारदात...
आरोपी दंपती दिल्ली से गिरफ्तार
60 वर्षीय व्यक्ति किशोर पैकरा की हत्या मामले में एक दंपती को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी दंपती घटना को अंजाम देने के बाद प्लेन से दिल्ली भाग गए थे। वारदात को अंजाम देने के लिये आरोपियों ने कार में फर्जी नंबर प्लेट भी लगवाई थी।
दिल्ली पुलिस और सीआईएसएफ ने दोनों को हिरासत में लिया है। इसके बाद रायपुर पुलिस दोनों को लेकर शाम को राजधानी पहुंची। गिरफ्तार हत्यारे दंपती की पहचान अंकित उपाध्याय और शिवानी शर्मा के रुप में हुई है, जो रिटायर्ड एएसआई के बहू-बेटे बताये जा रहे हैं। वे पेशे से वकील हैं।
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प्रत्यक्षदर्शी ऐश्वर्य कसार ने बताया कि तीन से चार लोग स्कॉर्फ बांधे हुए थे और लिफ्ट से बाहर निकल रहे थे। पेटी काफी वजनी थी, इसलिये दो से तीन से चार लोग उसमें एक महिला भी शामिल थी। सभी पेटी को पकड़कर घसीटते हुए ले जा रहे थे। हमेशा की तरह मैं रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी के लिये जा रहा था। इस दौरान पॉवर बैंक भूल गया। जिसे लेने के लिये दोबारा लिफ्ट के पास पहुंचा तो देखा कि तीन से चार लोग स्कॉर्फ बांधे हुए बड़ी सी टीन की पेटी लेकर नीचे उतर रहे थे। लिफ्ट से बदबू आ रही थी। वहीं आरोपी अपने हावभाव से डरे सहमे लग रहे थे। वो काफी हड़बड़ी से निकल रहे थे। इस वजह से मुझे शंका हुआ। मैं दोबारा जाकर लिफ्ट में देखा कि एक लिक्विड जैसा टपक रहा था, मुझे लगा कि कहीं वो खून तो नहीं है।
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उन्होंने बताया कि आरोपी लिफ्ट से निकलकर पेटी को पहले से खड़ी कार में डाला। मैंने छठवीं मंजिल से जाकर इस घटनाक्रम को दोबारा झांककर देखा। उस दौरान तीन लोग मिलकर पेटी को कार में डाल रहे थे। उनके साथ एक लेडी भी थी। इसके बाद मैंने गार्ड और जो कॉलोनी के सिक्योरिटी देखते हैं पाठक सर , उन्हें इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने फौरन सीसीटीवी फुटेज निकाले और पुलिस को जानकारी दी। दो घंटे के अंदर पुलिस और क्राइम ब्रॉच के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हत्यारों के रूम के पास रहने वाले पड़ोसियों का भी कहना है कि आरोपी तीन से चार दिन पहले ही यहां पर आकर रह रहे थे।
कसार ने बताया कि इसके पहले भी कॉलोनी में मर्डर समेत कई घटनाएं घट चुकी हैं। बता दें कि ऐश्वर्या रविशंकर यूनिवर्सिटी में एमबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। 23 जून की सुबह 9 के आसपास वे रविशंकर यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी जा रहे थे। उनकी सूझ-बूझ और सक्रियता की वजह से कातिल तक पहुंचने में पुलिस को आसानी हुई।
जानें अब तक की वारदात...
आरोपी दंपती दिल्ली से गिरफ्तार
60 वर्षीय व्यक्ति किशोर पैकरा की हत्या मामले में एक दंपती को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी दंपती घटना को अंजाम देने के बाद प्लेन से दिल्ली भाग गए थे। वारदात को अंजाम देने के लिये आरोपियों ने कार में फर्जी नंबर प्लेट भी लगवाई थी।
दिल्ली पुलिस और सीआईएसएफ ने दोनों को हिरासत में लिया है। इसके बाद रायपुर पुलिस दोनों को लेकर शाम को राजधानी पहुंची। गिरफ्तार हत्यारे दंपती की पहचान अंकित उपाध्याय और शिवानी शर्मा के रुप में हुई है, जो रिटायर्ड एएसआई के बहू-बेटे बताये जा रहे हैं। वे पेशे से वकील हैं।
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आरोपियों के साथ अन्य संदेहियों की भी पड़ताल में पुलिस जुटी है। बताया जा रहा है कि करीब चार से पांच लोग इस हत्याकांड में शामिल हैं। अन्य रोपियों को भी पुलिस जल्द गिरफ्तार करने की बात कह रही है। इसके बाद ही पूरी तरह से मामले का खुलासा किया जायेगा।
बताया जा रहा है कि आरोपी इंद्रप्रस्थ फेस-टू में किराये में रूम लेकर रह रहे थे। पूर्व नियोजित प्लान के हिसाब से हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद फ्लाइट से दिल्ली फरार हो गये।
फुटेज-1
इस मर्डर केस में सीसीटीवी फुटेज भी सामने आये हैं। एक फुटेज में दिख रहा है कि आल्टो कार इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के गेट-नंबर एक से गुजर रही है। कार की डिक्की में टीन का पेटी रखकर ले जाया जा रहा है। आल्टो कार का नंबर CG04 B 7700 है। इस दौरान एक महिला सफेद रंग की मोपेड से कार के पीछे चलती दिखाई दे रही है।
फुटेज-2
दूसरे फुटेज में आरोपी दंपति स्कूटी पर सवार होकर गोलबाजार पहुंचते हैं। यहां एक ट्रंक की दुकान से पेटी खरीदते नजर आ रहे हैं। ट्रंक खरीदने के बाद उसे ऑटो में रखकर ले जाते दिख रहे हैं। यह ट्रंक की दुकान शब्बीर नामक व्यक्ति की बताई जा रही है। इन सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
फुटेज - 3
इस फुटेज में दो व्यक्ति कॉलोनी के डी ब्लॉक के लिफ्ट से उतरकर पेटी घसीटकर ले जाते हुए दिख रहे हैं। काफी हड़बड़ाहट में ये पेटी ले जाते हुए देखा जा रहा है। इस दौरान एक युवक लिफ्ट में घुसते हुए दिख रहा है। शंका होने पर वह भी वापस मुड़कर पेटी की तरफ दिख रहा है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि आरोपी बोल रहे हैं कि आराम से चलो भाई।
पेटी की मॉर्किंग ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस को ट्रंक पर 'हब्बू भाई' नाम की मॉर्किंग दिखाई दी, फिर पुलिस गोलबाजार में पेटी लाइन स्थित शब्बीर स्टील ट्रंक फैक्ट्री (हब्बू भाई की दुकान) पहुंची। इस पर दुकानदार ने बताया कि कुछ दिन पहले ही एक महिला और एक पुरुष सुबह-सुबह पेटी खरीदने के लिये आये थे।
आरोपी दंपती
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
आरोपी दंपती की किशोर से पुरानी जान पहचान थी। इस पहचान का फायदा उठाकर उन्होंने किशोर का विश्वास जीता फिर अपनी हैवानियत की खेल को अंजाम दिया।
मृतक किशोर पैकरा
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
लाखों की प्रॉपर्टी हड़पने के लिये किशोर पैकरा को उतारा मौत के घाट
बताया जाता है कि 60 वर्षीय किशोर पैकरा घर में अकेले रहता था। वह एचएमटी चौक हांडीपारा का रहने वाला था। वह शारीरिक रूप से अक्षम था और व्हीलचेयर से चलता था। बताया जाता है कि किशोर की मोहंदी गांव की जमीन का सौदा आरोपी अंकित उपाध्याय ने करवाया था। जमीन की डील 50 लाख में हुई थी लेकिन किशोर को केवल 30 लाख मिले थे। जब उसने 20 लाख में से 10 लाख मांगे तो आरोपी दंपती उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। पुलिस ने इस केस में दो प्रॉपर्टी डीलर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस को शक है कि उनकी भी जमीन के सौदे या हत्या में साजिश हो सकती है।
बताया जाता है कि 60 वर्षीय किशोर पैकरा घर में अकेले रहता था। वह एचएमटी चौक हांडीपारा का रहने वाला था। वह शारीरिक रूप से अक्षम था और व्हीलचेयर से चलता था। बताया जाता है कि किशोर की मोहंदी गांव की जमीन का सौदा आरोपी अंकित उपाध्याय ने करवाया था। जमीन की डील 50 लाख में हुई थी लेकिन किशोर को केवल 30 लाख मिले थे। जब उसने 20 लाख में से 10 लाख मांगे तो आरोपी दंपती उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। पुलिस ने इस केस में दो प्रॉपर्टी डीलर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस को शक है कि उनकी भी जमीन के सौदे या हत्या में साजिश हो सकती है।