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अपने हाथों से चप्पल पहनाईं थी PM मोदी ने, जानिए रतली बाई क्या कह रही है

Sun, 22 Apr 2018 03:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजापुर Updated Sun, 22 Apr 2018 03:54 PM IST
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prime minister narendra modi bent down and slipped her feet into a pair of sandals

आंबेडकर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी महिला को अपने हाथों से चप्पल पहनाई। महिलाओं को यह चप्पलें चरण पादुका योजना के अंतर्गत दी गईं। इस योजना के तहत तेंदू पत्ता बीनने वाली महिलाओं को चप्पलें दी जा रही हैं ताकि वह आराम से जंगलों में चल सकें। 

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उनमें से ही एक महिला है रतली बाई। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भाई रामगढ़ गांव की रहने वाली रतली अपनी झोपड़ी में बैठी मुस्कुरा रही थीं। क्योंकि पीएम ने आंबेडकर जयंती के मौके पर खुद उन्हें चप्पलें पहनाई थीं। उसके पैर कांटो और नुकीले पत्थरों से छिले हुए थे। अपने 70 साल के जीवन में अपना अधिकतर समय उसने जंगलों में ही बिताया था। बिना पैरों में कुछ पहने वह तेंदू के पत्ते बीनकर अपने घर का खर्चा चलाती है। 
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रतली बाई कहती हैं कि जंगल बहुत निर्दयी होता है खास कर पैरों के लिए। वह आदिवासियों को खुद पर निर्भर कर देता है। अक्सर उन्हें नुकीले पत्थरों, कांटों, सांप और बिच्छुओं का सामना करना पड़ता है। वह बहुत कम बार ही अपने पैरों का बचाव कर पाते हैं। छत्तीसगढ़ बीजेपी की यह योजना 2005 में शुरू की गई थी जिसके तहत तेंदू पत्ता बीनने वाले परिवार से एक पुरुष को ही चप्पलें दी जाती थीं। जिसमें 2008 में महिलाओं को भी शामिल कर लिया गया। 

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घर के कोने में रखी हैं चप्पलें

prime minister narendra modi bent down and slipped her feet into a pair of sandals

अपने बेटे नाथु, उसकी पत्नी और चार बच्चों के साथ रतली बाई दो कमरों की एक छोटी सी झोपड़ी में रहती हैं। जहां उनके पास महज एक जोड़ी चप्पल हैं। यह चप्पल रतली बाई की पहली चप्पले हैं। इसके बाद भी वह 10 किलोमीटर नंगे पैर चलकर बीज आदि खरीदने गईं क्योंकि चप्पलें तो घर के एक कोने में रखी हैं। उनका कहना है कि सब उनसे कहते हैं कि वह चप्पलों को बचाकर रखें, अगर वह चप्पल पहनकर मिट्टी या पानी में जाएंगी तो वह खराब हो जाएंगी। उनका कहना है कि उनके परिवार में से किसी को पहली बार चप्पलें दी गई हैं। जबकि तेंदु पत्ता समिति के प्रबंधक का कहना है कि यह असंभव है, यह योजना तो 2005 से ही शुरू हो चुकी है।

इसके बाद पीएम की रतलीबाई को चप्पल पहनाते हुए फोटो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। जिसमें बीजेपी का कहना था कि पीएम ने एक गरीब महिला के प्रति अपनी संवेदनशीलता और सम्मान प्रकट किया है। जबकि विपक्ष का कहना है कि बीजेपी सरकार के 15 साल बाद भी रतली बाई सिर्फ एक चप्पल का सपना देख रही हैं। रतली बाई से पूछा गया कि वह पीएम से और क्या चाहती हैं तो उसने कहा कि पीएम सबको गैस कनेक्शन दे रहे हैं, तो वह अब चूल्हे पर खाना बनाना नहीं चाहती हैं।

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