Korba: हरियर धरती संगठन ने गरीबों को बांटे कंबल, वनांचल में कंबल पाकर जरूरतमंदों के खिले चेहरे
गांव में टीम के पहुंचते ही ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई, पहले तो ग्रामीणों को लगा कि कोई नेता या मंत्री है, लेकिन जब जरूरतमंद लोगों को सामान बांटा उसके बाद सभी के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई।
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देशभर में अनेकों सामाजिक संगठन ऐसे हैं जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे हैं कोरबा जिले में भी ऐसा ही एक संगठन धरती को हरा भरा बनाने के उद्देश्य से कम कर रहा है। इसलिए संगठन का नाम भी हरियर धरती रखा गया है। संगठन के द्वारा समय-समय पर कोरबा जिले के अनेक स्थानों पर पौधरोपण किया जाता है और समय-समय पर जरूरतमंदों को जरूरत के अनुरूप सहायता की जाती है।
बीहड़ इलाके में बंटे कंबल
कोरबा में जिस तरह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है उससे जिले के वनांचल क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के सामने बड़ी समस्या पैदा हो गई है। गर्म कपड़ों के अभाव में उन्हें ठिठुरना पड़ रहा है ऐसे समय में उनकी मदद के लिए हरियर धरती नामक सामाजिक संगठन सामने आया है, जिसके द्वारा जिले से 50 किमी दूर सतरेंगा में रहने वाले अभावग्रस्त लोगों के बीच 300 कंबल और डेढ़ सौ मच्छरदानी का वितरण किया गया।
गांव में टीम के पहुंचते ही ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई, पहले तो ग्रामीणों को लगा कि कोई नेता या मंत्री है, लेकिन जब जरूरतमंद लोगों को सामान बांटा उसके बाद सभी के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई।
ऐसे हुई थी संगठन की शुरुआत
वर्ष 2015 में कोरबा जिले के रेलवे स्टेशन में पदस्थ एआरएम अवधेश त्रिवेदी ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह पहल शुरू की थी। इस संगठन का नाम उनके द्वारा ही हरियर धरती रखा गया था तब से लेकर आज तक यह संगठन जगह-जगह पौधे लगाने का कार्य करता है। इस सामाजिक संगठन में वर्तमान में 15 सक्रिय सदस्य है जो सामाजिक कार्य में लगे हैं।