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कोरबा: सात लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में फरार आरोपी गिरफ्तार, रतनपुर बस स्टैंड से पुलिस ने दबोचा
Sat, 03 Oct 2026 01:16 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 01:16 PM IST
सार
कोरबा में मकान, जमीन और मलबा बेचने के नाम पर ₹7 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में रजगामार चौकी पुलिस ने हनुमान प्रसाद यादव को रतनपुर बस स्टैंड से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ चेक बाउंस के तीन स्थायी वारंट भी लंबित थे।
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7 लाख की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरबा जिले के चौकी रजगामार, थाना बालकोनगर पुलिस ने धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मकान, जमीन और मलबा बेचने के नाम पर इकरारनामा कर 7 लाख रुपये लेने के बाद जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का आरोप है। आरोपी के खिलाफ धारा 138 एनआई एक्ट के 3 स्थायी वारंट भी लंबित थे।
चौकी रजगामार में शिकायतकर्ता सिकंदर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी हनुमान प्रसाद यादव पिता स्व. मुन्नीलाल यादव, उम्र 38 वर्ष, निवासी रजगामार एवं उसकी पत्नी अनीता यादव द्वारा मकान, जमीन एवं मलबे की बिक्री के संबंध में दिनांक 22.11.2023 को इकरारनामा किया गया था। शिकायत के अनुसार इकरारनामा के एवज में आरोपी पक्ष ने शिकायतकर्ता से 7 लाख रुपये प्राप्त किए।
राशि लेने के बाद न तो शिकायतकर्ता के पक्ष में संपत्ति की रजिस्ट्री कराई गई और न ही मलबा दिया गया। आरोप है कि इकरारनामा के बावजूद आरोपी ने उक्त जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। शिकायत पर चौकी रजगामार पुलिस ने अपराध क्रमांक 80/2026, धारा 420, 34 आईपीसी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश शुरू की थी।
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आरोपी घटना के बाद से फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार पतासाजी कर रही थी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश से वापस आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी हनुमान प्रसाद यादव को रतनपुर बस स्टैंड में बस से उतरते ही घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 138 के अंतर्गत न्यायालय द्वारा जारी 3 स्थायी वारंट भी लंबित थे। उक्त वारंट वर्ष 2022 एवं 2024 के चेक बाउंस से संबंधित प्रकरणों में जारी किए गए थे। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इन स्थायी वारंटों में भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां माननीय न्यायालय ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। उक्त कार्रवाई में चौकी रजगामार प्रभारी उप निरीक्षक विनोद सिंह, प्रधान आरक्षक विनोद सिंह एवं प्रधान आरक्षक केरोबीन की विशेष भूमिका रही।
कोरबा पुलिस द्वारा फरार आरोपियों एवं लंबे समय से लंबित स्थायी वारंटों की तामीली हेतु लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ऐसे आरोपियों की पतासाजी कर उनकी गिरफ्तारी और न्यायालयीन कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
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चौकी रजगामार में शिकायतकर्ता सिकंदर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी हनुमान प्रसाद यादव पिता स्व. मुन्नीलाल यादव, उम्र 38 वर्ष, निवासी रजगामार एवं उसकी पत्नी अनीता यादव द्वारा मकान, जमीन एवं मलबे की बिक्री के संबंध में दिनांक 22.11.2023 को इकरारनामा किया गया था। शिकायत के अनुसार इकरारनामा के एवज में आरोपी पक्ष ने शिकायतकर्ता से 7 लाख रुपये प्राप्त किए।
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राशि लेने के बाद न तो शिकायतकर्ता के पक्ष में संपत्ति की रजिस्ट्री कराई गई और न ही मलबा दिया गया। आरोप है कि इकरारनामा के बावजूद आरोपी ने उक्त जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। शिकायत पर चौकी रजगामार पुलिस ने अपराध क्रमांक 80/2026, धारा 420, 34 आईपीसी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश शुरू की थी।
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आरोपी घटना के बाद से फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार पतासाजी कर रही थी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश से वापस आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी हनुमान प्रसाद यादव को रतनपुर बस स्टैंड में बस से उतरते ही घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 138 के अंतर्गत न्यायालय द्वारा जारी 3 स्थायी वारंट भी लंबित थे। उक्त वारंट वर्ष 2022 एवं 2024 के चेक बाउंस से संबंधित प्रकरणों में जारी किए गए थे। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इन स्थायी वारंटों में भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां माननीय न्यायालय ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। उक्त कार्रवाई में चौकी रजगामार प्रभारी उप निरीक्षक विनोद सिंह, प्रधान आरक्षक विनोद सिंह एवं प्रधान आरक्षक केरोबीन की विशेष भूमिका रही।
कोरबा पुलिस द्वारा फरार आरोपियों एवं लंबे समय से लंबित स्थायी वारंटों की तामीली हेतु लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ऐसे आरोपियों की पतासाजी कर उनकी गिरफ्तारी और न्यायालयीन कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

₹7 लाख की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी गिरफ्तार