जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में नर्सों की हड़ताल: कहा- क्षमता से कम स्टाफ, मानसिक दबाव से परेशान; परिसर में प्रदर्शन
नर्सों ने बताया कि, 14 जून को इसी मामले को लेकर एक बैठक हुई थी। अधिकारियों ने कहा था कि, वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 20 से ऊपर स्टाफ नर्स की भर्ती की जाएगी। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद स्टाफ नर्स ने यह निर्णय लिया था कि अगर भर्ती नही होगी तो वे काम बंद कर देंगी।
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छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग के सबसे बड़े डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में बुधवार से नर्सिंग स्टाफ हड़ताल पर चला गया है। नियमित नर्सों सहित नर्सिंग इंचार्ज सिस्टर ने काम बंद कर दिया है। नर्सेज मेडिकल कॉलेज अस्पताल के परिसर में एकत्र हो गईं और प्रदर्शन किया। इसके कारण वार्ड में भर्ती मरीजों को भी दिक्कतें शुरू हो गई हैं। छोटी-छोटी चीजों के लिए मरीज परेशान हो रहे हैं। दूसरी ओर नर्सों का कहना है कि अस्पताल में क्षमता से कम स्टाफ है। इसके कारण उनका मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है। कई बार कहने के बावजूद उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया।
छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ के उप प्रांताध्यक्ष अनशिला बैंस ने बताया कि मांगों को लेकर 13 जून से 15 जून तक रोजाना सुबह 10 बजे से 1 बजे तक कार्यबहिष्कार किया गया। इसके बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई। इससे बाध्य होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करनी पड़ रही है। वहीं इसे लेकर कलेक्टर के निर्देश पर अधीक्षक डॉक्टर अनुरूप साहू के कक्ष में नर्सों के साथ बैठक भी हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकला। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि, इस तरह से कार्य बहिष्कार करना अच्छी बात नहीं है।
नर्सें बोली-आश्वासन के बाद भी कार्यवाही नहीं
नर्सों ने बताया कि, 14 जून को इसी मामले को लेकर एक बैठक हुई थी। अधिकारियों ने कहा था कि, वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 20 से ऊपर स्टाफ नर्स की भर्ती की जाएगी। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद स्टाफ नर्स ने यह निर्णय लिया था कि अगर भर्ती नही होगी तो वे काम बंद कर देंगी। स्टाफ नर्स ने यह भी बताया की डिमरापाल में निरंतर स्टाफ की कमी एक बड़ा रूप ले चुकी है, जिसकी वजह से क्षमता से अधिक काम करना पड़ रहा है। इसके कारण वे शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान हैं।