Jagdalpur News: स्टाइपेंड को लेकर जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन, किया रक्तदान; NMC के खिलाफ छात्रों का मोर्चा
डॉक्टरों की मांग है कि, अन्य राज्यों में मिल रहे स्टाइपेंड की तरह छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों को भी मिले। आश्वासन बाद डॉक्टर काम पर लौट गए थे, लेकिन मांगे पूरी होती नहीं देख फिर प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर एमीबीबीएस में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने एनएमसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में जूनियर डॉक्टर एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। स्टाइपेंड में बढ़ोतरी नहीं होने पर जूनियर डॉक्टर ने शनिवार को प्रदर्शन किया। साथ ही रक्तदान कर विरोध जताया। जनवरी माह में जूनियर डॉक्टर से लेकर अन्य डॉक्टरों ने पांच दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था। मांग है कि, अन्य राज्यों में मिल रहे स्टाइपेंड की तरह छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों को भी मिले। आश्वासन बाद डॉक्टर काम पर लौट गए थे, लेकिन मांगे पूरी होती नहीं देख फिर प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर एमीबीबीएस में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने एनएमसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
दूसरे राज्यों की तुलना में काफी कम मानदेय
जूडा संघ के अध्यक्ष डॉक्टर प्रशांत कानेपु ने बताया कि जूनियर डॉक्टर्स को दिया जा रहा मानदेय भारत के दूसरे राज्यों की तुलना में काफी कम है। इसके लिए जूनियर डॉक्टर्स द्वारा पिछले दो वर्षो से लगातार पत्राचार और बैठक के माध्यम से वेतन वृद्धि के लिए प्रस्ताव प्रेषित किया गया। जूनियर डॉक्टर्स ने इस मांग को लेकर हड़ताल भी की। इसके बाद स्वयं मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद वापस लिया गया था। लेकिन इस विषय पर अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया, जिससे जूनियर डॉक्टर्स बहुत हताश महसूस कर रहे है।
जूनियर डॉक्टर्स ने फिर इस विषय को लेकर नेशनल डॉक्टर्स डे पर मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में रक्तदान के माध्यम से विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टर्स डे पर मीडिया के माध्यम से अपनी मांगों को फिर याद दिलाया और मांगे पूरी नहीं होने पर राज्य के मेडिकल कॉलेज में हड़ताल करने की चेतावनी दी है। जूनियर डॉक्टर्स अगर फिर से हड़ताल में जाते है तो मेडिकल कॉलेजों में फिर से मरीजों एवं परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कैंपस में छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन
वहीं दूसरी ओर कॉलेज में 2019 के एमबीबीएस में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं ने शनिवार सुबह कैंपस में प्रदर्शन किया। हाथ में बैनर-पोस्टर लेकर विरोध जताते हुए एमएमसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 2019 बैच की अध्यक्ष हिमानी अग्रवाल ने बताया की एनएमसी 2019 सत्र पर बिना किसी पूर्व जानकारी नेक्सट लागू कर रही है। इसके लागू करने से एमबीबीएस साढ़े पांच साल से छह वर्ष का हो जाएगा। छात्रों से मॉक टेस्ट के लिए दो हजार रुपये लिए जा रहे हैं। उन्होंने इसे अवैध वसूली बताया है।
उन्होंने बताया कि, 2019 बैच को NEXT की तैयारी के लिए सिर्फ छह महीने का समय दिया जा रहा है, जिसके कारण सारे छात्र तनावग्रस्त है। इसके चलते छात्रों ने NEXT का सांकेतिक विरोध करते हुए रक्तदान किया। इसके साथ ही विरोध दर्शाया। छात्रों ने मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार से अपील की है कि वे नेक्सट एक्जाम को पूर्व में कराए जा रहे NEET पीजी एक्जाम की तरह इंटर्नशिप के बाद ले, क्योंकि मेडिकल छात्रों को क्लिनिकल एक्सपोजर इंटरशिप के दौरान ही मिलता है।