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Holika Dahan 2023: मारवाड़ी समाज ने किया होलिका दहन, पारंपरिक परिधान में पहुंची महिलाएं, डांस से बांधा समां
Tue, 07 Mar 2023 08:55 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 07 Mar 2023 08:55 PM IST
सार
समाज के लोगों ने बताया कि वे करीब 80 साल से भी अधिक समय से बजरंग चौक पर होलिका दहन करते आ रहे हैं। परंपरा के अनुसार मारवाड़ी समाज के लोग कई दिन पहले से ही होलिका दहन की तैयारी शुरू कर देते हैं। समाज के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति होलिका दहन करते हैं।
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पेंड्रा में मारवाड़ी समाज ने किया होलिका दहन।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पूरे देश में होली का धमाल शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। यहां भी रंग खेलने की तैयारी पूरी हो गई है। उससे पहले मंगलवार देर शाम होलिका दहन किया गया। प्रदेश के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मारवाड़ी समाज ने रीति-रिवाज और पूजन के साथ होलिका जलाई। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंची महिलाओं ने होलिका दहन के बाद जमकर डांस किया और अबीर-गुलाल उड़ाया। खास बात यह है कि मारवाड़ी समाज में सबसे बुजुर्ग व्यक्ति ही होलिका दहन करते हैं।
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पेंड्रा के बजरंग चौक पर मारवाड़ी समाज के लोग शाम से ही एकत्र होना शुरू हो गए थे। पहले विधि विधान से पूजा की गई। फिर तय मुहूर्त पर शाम करीब 7 बजकर 15 मिनट पर होलिका दहन किया गया। इसके बाद एक-दूसरे को गुलाल लगाकर सभी गले मिले और होली की बधाई दी। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं भी पहुंची थीं। पारंपरिक परिधानों और श्रृंगार किए इन महिलाओं ने गानों की धुन पर जमकर डांस किया। इसके साथ ही एक-दूसरे को गुलाल लगाया।
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समाज के लोगों ने बताया कि वे करीब 80 साल से भी अधिक समय से बजरंग चौक पर होलिका दहन करते आ रहे हैं। परंपरा के अनुसार मारवाड़ी समाज के लोग कई दिन पहले से ही होलिका दहन की तैयारी शुरू कर देते हैं। फिर होलिका दहन की शाम महिलाएं पूरे श्रृंगार कर होलिका दहन स्थान पर पहुंचती हैं। पूजा-पाठ किया जाता और फिर इसके बाद समाज के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति होलिका दहन करते हैं।