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GPM: शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को नोटिस जारी, कलेक्टर ने मांगा जवाब; वेतन रोकने का है मामला
Fri, 12 Jan 2024 09:09 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
Published by: अनुज कुमार
Updated Fri, 12 Jan 2024 09:09 PM IST
सार
अनुशासनहीनता और बेवजह वेतन रोकने के मामले में शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।
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विकास खंड शिक्षा अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गौरेला में अनुशासनहीनता और बेवजह वेतन रोकने के मामले में शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर जीपीएम ने जहां गौरेला बीईओ को अनुशासन हीनता के मामले में तो पेंड्रा बीईओ को बेवजह शिक्षकों के वेतन रोकने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं नोटिस में यह भी कहा गया है कि समय अवधि पर अगर जवाब नहीं दिया जाता तो मामले में एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी। जिसकी जवाबदारी भी उन्हीं की होगी।
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जिले की कलेक्टर प्रियंका ऋषि महोबिया ने लापरवाही, स्वेच्छाचारिता तथा अनुशासनहीनता पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी गौरेला और बिना किसी आधार और आदेश के शिक्षकों का वेतन रोकने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी पेंड्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का संतोषप्रद जवाब निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने पर एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी। जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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कलेक्टर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी गौरेला संजीव शुक्ला को जारी नोटिस में कहा है कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बैगा बसाहट स्थित स्कूलों में बच्चों की दर्ज संख्या के अनुपात में शतप्रतिशत जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाना है। जिसके लिए निर्धारित प्रारूप में जानकारी चाही गई थी। आपके द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जो जानकारी प्राप्त हुई है। उस जानकारी में दर्ज बच्चों की संख्या और जाति प्रमाण पत्र जारी किये जाने वाले बच्चों की संख्या के आंकड़ों में अंतर पाया गया है।
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इससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रारूप में उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई है। जिस कारण शासन को सही जानकारी नहीं भेजी जा सकी है। तो दूसरे मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी पेंड्रा आर एन चंद्रा को जारी नोटिस में कहा गया है। संज्ञान में यह बात सामने आई है कि बीईओ के द्वारा तीन शिक्षकों का माह सितम्बर से वेतन रोका गया है।