{"_id":"64719aae15183d4052063b15","slug":"10-years-in-prison-for-misdeed-a-minor-2023-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"GPM: नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी को 10 साल की सजा, प्रेम जाल में फंसा की थी हैवानियत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
GPM: नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी को 10 साल की सजा, प्रेम जाल में फंसा की थी हैवानियत
Sat, 27 May 2023 11:22 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, पेंड्रा गौरेला मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, पेंड्रा गौरेला मरवाही
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sat, 27 May 2023 11:22 AM IST
सार
पीड़िता ने मामले में सह आरोपी बनाए गए गणेश पुरी को पहचानने से इनकार कर दिया और मामले में फैसला सुनाते हुए विषेश अपर सत्र न्यायाधीष किरण थवाईत ने आरोपी राजेश पुरी को पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 4 के तहत दस साल की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
राजेश पुरी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को स्पेशल एडीजे कोर्ट गौरेला ने पॉक्सो एक्ट के तहत दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दरअसल, मामला नौ अक्टूबर 2021 को पेंड्रा थाना क्षेत्र का है। जहां कुदरी गांव में रहने वाली एक नाबालिग 17 साल उम्र की स्कूली छात्रा घर से पेंड्रा के स्कूल के लिये निकली थी पर शाम को घर वापस नहीं आई। जिसके बाद परिजनों ने थाना पेंड्रा में मामला दर्ज कराया।
विज्ञापन
पुलिस ने धरहर गांव के रहने वाले आरोपी राजेश पुरी पिता कलीराम पुरी 22 वर्ष के कब्जे से नाबालिग को बरामद किया था। नाबालिग को भगाने में सहयोग करने वाले आरोपी गणेश पुरी को भी गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि पीड़िता का आरोपी के साथ प्रेम प्रसंग था, जिसकी जानकारी उसके माता पिता हुई तो उन्होंने पीड़िता को फटकार लगाई। जिससे नाराज होकर पीड़िता धनपुर चली गई थी और वहां से अभियुक्त राजेश पुरी को बुलाकर उसके साथ पंडरी गांव चली गई थी, जहां राजेश ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। मामले में राजेश पुरी और गणेश पुरी के खिलाफ पेंड्रा थाना में भादवि की धारा 363, 366, 376, 34 और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध क्रमांक 242/2021 कायम किया था।
विज्ञापन
पीड़िता ने मामले में सह आरोपी बनाए गए गणेश पुरी को पहचानने से इनकार कर दिया। जिसके कारण उसे भादवि की धारा 366(क) के मामले में दोशमुक्त किया और मामले में फैसला सुनाते हुए विषेश अपर सत्र न्यायाधीष किरण थवाईत ने आरोपी राजेश पुरी को पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 4 के तहत दस साल के सश्रम कारावास और 500 रूपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन