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CG: 2140 बच्चों का एकलव्य आवासीय विद्यालय से संवर रहा भविष्य, पढ़ाई के साथ सीखने को मिल रहा और भी बहुत कुछ
Thu, 11 Jul 2024 06:33 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 11 Jul 2024 06:33 PM IST
सार
बलरामपुर रामानुजगंज जिले के छह विकासखंड में 2140 अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्रा एकलव्य आवासीय विद्यालय में अध्यनरत हैं। जिन्हें सीबीएसई पैटर्न पर अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है। जिले के सभी विकासखंडों में कक्षा छठवीं से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई एकलव्य आवासीय विद्यालय हो रही है।
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एकलव्य आवासीय विद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आदिवासी बाहुल्य जिला बलरामपुर रामानुजगंज के छह विकासखंडों में एकलव्य आवासीय विद्यालय अनुसूचित जनजाति के छात्रों को गुणवत्ता पूर्ण मध्य और उच्च विद्यालय की शिक्षा प्रदान की जा रही है। यह स्कूल न केवल शैक्षिक विकास बल्कि विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास के लिए सांस्कृतिक, बौद्धिक एवं खेलकूद की गतिविधियां भी समय-समय पर आयोजित करते हैं। जिसमें बच्चों को राष्ट्रीय स्तर तक हिस्सा लेने का मौका मिल रहा है।
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गौरतलब है कि सरगुजा जिला से अलग होकर बलरामपुर रामानुजगंज जिला 17 जनवरी 2012 में अस्तित्व में आया। वहीं, जिले में पहला एकलव्य आवासीय विद्यालय 2017 बलरामपुर में प्रारंभ किया गया, जो महाराजगंज शिक्षा विभाग के भवन में संचालित हो रहा था। 16 करोड़ रुपये की लागत से भेलवाडीह में बिल्डिंग बनने के बाद 2020-21 से यह नवीन भवन में संचालित हो रहा है।
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वहीं, कुसमी एवं वाड्रफनगर विकासखंड में 2019 से एकलव्य आवासीय विद्यालय संचालित हो रहा है तो राजपुर शंकरगढ़ एवं रामानुजगंज विकासखंड में 2020 से एकलव्य आवासीय विद्यालय प्रारंभ हुआ है। बलरामपुर विकासखंड को छोड़कर वाड्रफनगर, कुसमी, शंकरगढ़, राजपुर एवं रामानुजगंज में उधार के भवन में एकलव्य आवासीय विद्यालय संचालित हो रहा है।
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जिले के छह विकासखंड में 2140 अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्रा एकलव्य आवासीय विद्यालय में अध्यनरत हैं। जिन्हें सीबीएसई पैटर्न पर अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है। जिले के सभी विकासखंडों में कक्षा छठवीं से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई एकलव्य आवासीय विद्यालय हो रही है। एकलव्य आवासीय विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ संस्कृत बौद्धिक एवं खेलकूद भी गतिविधियां संचालित होती है।
यही नहीं यहां के छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक भी मिला है। एकलव्य आवासीय विद्यालय रामानुजगंज सामूहिक गायन में राज्य स्तर में प्रथम स्थान प्राप्त किया था तो वॉलीबॉल प्रतियोगिता में बलरामपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया था। यहां केरम, शतरंज, वॉलीबॉल, टेनिस,तीरंदाजी, तैराकी एथलेटिक सहित अन्य खेल प्रतियोगिताएं होती हैं।
पहले जिला स्तरीय समिति से शिक्षक की व्यवस्था की जाती थी। लंबे समय से यहां नियमित शिक्षक की मांग होते रही है। इस बीच केंद्र सरकार के द्वारा नियमित भर्ती से 112 शिक्षक जिले में मिले हैं, जिससे अब शिक्षकों की कमी जिले के छह विकासखंडों में संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय में खत्म हुई। अब और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई हो सकेगी।
सहायक आयुक्त राकेश सोनी ने बताया कि बलरामपुर में एकलव्य आवासीय विद्यालय अपने स्वयं के बिल्डिंग में संचालित है। वहीं, राजपुर, रामानुजगंज एवं वाड्रफनगर में भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ है। जिले में केंद्र सरकार के नियमित भर्ती से आए 100 शिक्षकों की जॉइनिंग ले ली गई है।