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40 हजार आदिवासी महिलाओं से अरबों की ठगी!: ननकीराम कंवर की शिकायत पर ST आयोग ने मुख्य सचिव से मांगी रिपोर्ट

Thu, 06 Nov 2025 04:07 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा Published by: अमन कोशले Updated Thu, 06 Nov 2025 04:07 PM IST
सार

पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर की शिकायत पर केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

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Floramax scam: Commission takes strict action on Nankiram Kanwer complaint in Korba
पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में फ्लोरमैक्स कंपनी द्वारा की गई अरबों रुपए की कथित ठगी के मामले में अब बड़ी कार्रवाई की शुरुआत हो गई है। यह मामला लगभग 40 हजार आदिवासी महिलाओं से जुड़ा हुआ है। पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर की शिकायत पर केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
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ननकीराम कंवर ने 9 दिसंबर 2024 को आयोग को शिकायत सौंपी थी। उन्होंने मांग की थी कि मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पीड़ित महिलाओं को राहत दी जाए। आयोग ने शिकायत को गंभीर मानते हुए मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन को नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग ने 16 अक्टूबर 2025 को सुनवाई की तारीख तय की थी। सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव की ओर से सुनील कुमार जैन, संभाग आयुक्त बिलासपुर ने आयोग के समक्ष पक्ष रखा।
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संभाग आयुक्त ने बताया कि फ्लोरमैक्स कंपनी, जिसे अखिलेश सिंह नामक व्यक्ति ने बनाया था, के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 10 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जबकि 3 अभी जेल में हैं। जांच अधिकारी पीड़ित महिलाओं को मुआवजा दिलाने के लिए आरोपियों की संपत्तियों की तलाश कर रहे हैं, जिनमें से कुछ संपत्तियाँ बरामद भी की जा चुकी हैं।
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आयुक्त ने आश्वासन दिया कि मामला शीघ्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से सुलझाया जाएगा। आयोग ने सुनवाई के बाद मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कई महत्वपूर्ण सिफारिशें कीं। यह मामला गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और अनुसूचित जनजाति समुदाय की महिलाओं के आर्थिक शोषण से जुड़ा है। अतः SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर इसे समयबद्ध तरीके से निपटाया जाए। यह बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला प्रतीत होता है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि पीड़ित महिलाओं को उनका पैसा वापस मिल सके। जांच एजेंसी द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत चालान की प्रमाणित प्रति आयोग को उपलब्ध कराई जाए। फ्लोरमैक्स कंपनी से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों की चल, अचल और बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों का पता लगाकर जब्ती की कार्रवाई की जाए। अब तक की गई जांच और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर आयोग को प्रस्तुत की जाए।


आयोग की सुनवाई के बाद फ्लोरमैक्स घोटाले में ठगी की शिकार महिलाओं के बीच उम्मीद की नई किरण जगी है। महिलाओं का कहना है कि पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की पहल से अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। आयोग के हस्तक्षेप के बाद फ्लोरमैक्स घोटाले की उच्च स्तरीय जांच तय मानी जा रही है। वहीं, इस कार्रवाई की खबर फैलते ही घोटाले से जुड़े दोषियों में हड़कंप मच गया है।
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