फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Female relative sold three orphan children in Jashpur Human Trafficking

जशपुर में मानव तस्करी: महिला रिश्तेदार ने तीन अनाथ बच्चों को बेचा, पैसा और शादी का लालच देकर ले गई थी अपने साथ

Sat, 20 Apr 2024 10:39 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, जशपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जशपुर Published by: श्याम जी. Updated Sat, 20 Apr 2024 10:39 PM IST
सार

जशपुर में पुलिस ने मानव-तस्करी का खुलासा करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि महिला ने अनाथ बच्चों को बेच दिया था। 
 

विज्ञापन
Female relative sold three orphan children in Jashpur Human Trafficking
आरोपी महिला गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 मानव-तस्करी को लेकर जशपुर जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें तीन अनाथ बच्चों को उनकी ही महिला रिश्तेदार ने मध्यप्रदेश में बेच दिया। 18 अप्रैल को तपकरा थाने में एक बुजुर्ग ने शिकायत दर्ज कराई कि उसका परपोता और दो परपोती को एक महिला रिश्तेदार बहला-फुसलाकर  कहीं ले गई। पूछने पर कुछ भी बताने से इनकार कर रही है। पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल महिला पुलिस अधिकारी डीएसपी निमिषा पांडेय की अगुवाई में टीम गठित कर अपहृत बच्चों की पता-तलाश में भेजा। पुलिस अधीक्षक की लगातार मॉनिटरिंग से तीनों नाबालिग भाई-बहनें मानव तस्करी का शिकार होने से बच गए। 

विज्ञापन


पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि घटना दिनांक के दो दिन पहले उनकी रिश्तेदार उनके घर में आई थी और बोली कि मेरे साथ चलो तो वह प्रार्थी को बिना सूचित किये उक्त दोनों बच्चियों को अपने साथ लेकर अपने घर आई। दो दिन अपने साथ रखा फिर 12 अप्रैल को उसने अपनी स्कूटी से दोनों बहनों को उनके घर तपकरा क्षेत्र स्थित घर में लेकर आई और बोली कि तुम्हारे पिताजी का पैसा निकलेगा, तुम लोग साथ में रहोगे तब मिलेगा, तुम लोग बाहर जाकर काम करोगे तो उसका भी पैसा मिलेगा और तुम लोगों का अमीर घर में विवाह करा दूंगी। जिंदगी अच्छे से कटेगी, तुम्हारे भाई को भी ले जाएंगे। कहकर चुपचाप चलना है किसी को नहीं बताना है कहते हुए अपनी बातों में लेकर तीनों भाई-बहन को स्कूटी से तपकरा आई।
विज्ञापन


महिला ने बच्चियों से कहा कि 'बस से कुनकुरी बस स्टैंड जाना, फिर वहां से दूसरी बस पकड़कर कांसाबेल जाना है, मैं भी आती हूं। कांसाबेल बस स्टैंड में उसकी सहेली मिलेगी कहकर वह बस किराये के लिये 500 रुपये दिए। फिर वह एक बस में बैठाई एवं कुनकुरी में बस बदलकर कांसाबेल पहुंचने पर उनकी रिश्तेदार एवं उसके साथी मिले। रिश्तेदार की साथी ने उन्हें फिर से बस में बैठाकर अंबिकापुर ले गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद रेलवे स्टेशन अंबिकापुर में ले जाकर अब मेरे साथ रहना है कहते हुये ट्रेन के माध्यम से अनुपपुर होते हुए अपने घर छतरपुर (मध्य प्रदेश) ले गई। रिश्तेदार की साथियों ने दोनों बहनों को कहा कि-तुम लोग दिल्ली जाकर काम करना, अच्छा पैसा मिलेगा तुम लोगों का शादी भी कराना है, तुम्हारा भाई हम लोगों के पास रहेगा। वे लोग तीनों भाई-बहन को 3-4 दिन अपने पास बंधक बनाकर रखे थे, किसी से बातचीत नहीं करने देते थे। इसी दौरान एक दिन उनके पास एक लड़का को शादी करने के लिये बुलाये, बच्ची द्वारा शादी करने से मना करने पर वह वहां से चला गया। इसी दौरान उन्हें पुलिस की सक्रियता के संबंध में जानकारी मिली एवं दबाव पड़ने पर वह अंबिकापुर तक उन बच्चों को छोड़ दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed