'सितंबर से उपभोक्ताओं पर बढ़ा आर्थिक बोझ': बिजली बिल हॉफ योजना बंद, 100 यूनिट तक ही मिलेगी छूट
सरकार ने 1 अगस्त से बिजली बिल हॉफ योजना को समाप्त कर दिया है। छह साल से अधिक समय तक लागू इस योजना के बंद होते ही उपभोक्ताओं के मासिक खर्च में बड़ा इजाफा होने जा रहा है।
विस्तार
छत्तीसगढ़ में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को अब बिजली बिल का दोगुना भुगतान करना होगा। सरकार ने 1 अगस्त से बिजली बिल हॉफ योजना को समाप्त कर दिया है। छह साल से अधिक समय तक लागू इस योजना के बंद होते ही उपभोक्ताओं के मासिक खर्च में बड़ा इजाफा होने जा रहा है।
मार्च 2019 से प्रदेश में 400 यूनिट तक की खपत पर उपभोक्ताओं को 50% की सीधी छूट दी जा रही थी। इससे हर महीने 558 से लेकर 1223 रुपए तक का भार कम होता था। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को इस योजना से राहत मिल रही थी।
अब क्या बदला
सरकार ने अब सिर्फ 100 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों को ही छूट देने का फैसला किया है। इसका सीधा मतलब है कि जिन परिवारों की खपत अधिक है, उन्हें पूरा बिल चुकाना पड़ेगा। शहरी क्षेत्रों में 100 यूनिट से कम बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या बेहद कम है, इसलिए अधिकांश लोगों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
सितंबर से क्यों बढ़ेगा झटका
सितंबर में उपभोक्ताओं को तीन मोर्चों पर मार झेलनी पड़ेगी। जुलाई से प्रति यूनिट 14 पैसे की दर वृद्धि लागू है। अगस्त की उमस भरी गर्मी में अधिकतर घरों में कूलर और एसी का इस्तेमाल बढ़ा, जिससे खपत ज्यादा हुई। अगस्त से आधी बिल योजना बंद हो चुकी है। इन तीन कारणों से आने वाले महीने में बिजली बिल सामान्य से कहीं ज्यादा आने वाला है।
कितना पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
- 200 यूनिट तक खपत करने वालों को लगभग ₹557 अधिक देना होगा।
- 300 यूनिट वालों पर ₹890 का बोझ बढ़ेगा।
- 400 यूनिट या उससे ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ताओं को ₹1223 तक अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
उपभोक्ताओं में नाराज़गी
इस निर्णय से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ने की आशंका है। रायपुर सिटी सर्कल के करीब 92 हजार घरेलू उपभोक्ता, जो अब तक छूट का फायदा उठा रहे थे, उन्हें सितंबर से भारी बिल चुकाना पड़ेगा।