{"_id":"64b391989ad98991c4032244","slug":"property-of-chit-fund-company-yash-dream-will-be-auctioned-2023-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Durg: चिटफंड कंपनी यश ड्रीम की संपत्ति होगी नीलाम, तैयारी में जुटा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Durg: चिटफंड कंपनी यश ड्रीम की संपत्ति होगी नीलाम, तैयारी में जुटा प्रशासन
Sun, 16 Jul 2023 12:13 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 16 Jul 2023 12:13 PM IST
सार
पुलिस ने न सिर्फ कंपनी के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है बल्कि जिला प्रशासन ने निवेशकों का पैसा वापस करने के लिए कंपनी की 50 करोड़ रुपए कीमत की 52 एकड़ जमीन भी नीलाम की तैयारी में जुट गई है।
विज्ञापन
Durg News
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिला प्रशासन ने चिटफंड कंपनियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इस बीच चिटफंड कंपनी यश ड्रीम कंपनी को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने न सिर्फ कंपनी के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है बल्कि जिला प्रशासन ने निवेशकों का पैसा वापस करने के लिए कंपनी की 50 करोड़ रुपए कीमत की 52 एकड़ जमीन भी नीलाम की तैयारी में जुट गई है।
विज्ञापन
दुर्ग एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि 19 अगस्त 2015 को पुलगांव थाना अंतर्गत नगपुरा निवासी हेमंत कुमार साहू ने यश ड्रीम कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर यश ड्रीम्स कंपनी ने नेहरू नगर के प्रियदर्शनी परिसर में अपना ऑफिस खोलकर भोले भाले लोगों को ठगने का काम किया है। कंपनी लोक लुभावन स्कीम दिखाकर लोगों को अधिक ब्याज का लालच देकर उनसे इनवेस्ट कराया। सुपेला पुलिस ने कंपनी के नौ डायरेक्टर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने अब तक इस मामले में कंपनी के नौ डॉयरेक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
यश ग्रुप कंपनी के डॉयरेक्टर्स ने दुर्ग के हनोदा, कोहका, उमदा, अखरा, नगपुरा, अंजोरा, पाटन, अण्डा, रिसाली और जामुल क्षेत्र में करीब 52 एकड़ जमीन खरीदी है। इस जमीन को 14 करोड़ 46 लाख 84 हजार रुपए में खरीदा गया था। फिलहाल इस जमीन की कीमत अब 50 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। 18 मार्च 2016 को जमीन की कुर्की के लिए जिला दण्डाधिकारी दुर्ग को पत्र प्रेषित किया गया था। कलेक्टर ने मामले की सुनवाई के बाद 23 अप्रैल 2016 को की संपत्तियों को कुर्की किये जाने के लिए अंतरिम आदेश जारी किया।
विज्ञापन