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CG: डॉ. वर्णिका बोलीं- बाल श्रम की छापामारी के बाद प्रभावित परिवारों की आजीविका की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
Sat, 03 May 2025 12:39 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 03 May 2025 12:39 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बाल श्रम उन्मूलन कार्यवाही की समीक्षा की।
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समीक्षा बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बाल श्रम उन्मूलन कार्यवाही की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बाल श्रमिकों के केवल रेस्क्यू तक सीमित न रहकर उनके परिवारों के समग्र पुनर्वास पर विशेष बल दिया।
डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए कि बाल श्रम की छापामारी के बाद प्रभावित परिवारों की आजीविका की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की विभिन्न रोजगार मूलक योजनाओं जैसे महिला कोष, वित्त विकास निगमों, प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना, राशन कार्ड आदि से इन परिवारों को जोड़कर एक ही डेस्क से सहायता उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जुलाई माह में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पुनर्वास के सफल प्रयासों को साझा किया जाएगा और बेहतर कार्य करने वाले जिलों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
समीक्षा बैठक में आयोग के सचिव प्रतीक खरे, अनामिका जैन, श्रम विभाग से उपायुक्त अनीता गुप्ता, महिला एवं बाल विकास संचालनालय की आईसीपीएस शाखा से नीलम देवांगन और वरिष्ठ प्रोग्राम प्रबंधक असीम दत्ता सहित सभी जिलों के महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस इकाई व बाल कल्याण समिति के अधिकारी उपस्थित रहे।
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डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए कि बाल श्रम की छापामारी के बाद प्रभावित परिवारों की आजीविका की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की विभिन्न रोजगार मूलक योजनाओं जैसे महिला कोष, वित्त विकास निगमों, प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना, राशन कार्ड आदि से इन परिवारों को जोड़कर एक ही डेस्क से सहायता उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जुलाई माह में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पुनर्वास के सफल प्रयासों को साझा किया जाएगा और बेहतर कार्य करने वाले जिलों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
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समीक्षा बैठक में आयोग के सचिव प्रतीक खरे, अनामिका जैन, श्रम विभाग से उपायुक्त अनीता गुप्ता, महिला एवं बाल विकास संचालनालय की आईसीपीएस शाखा से नीलम देवांगन और वरिष्ठ प्रोग्राम प्रबंधक असीम दत्ता सहित सभी जिलों के महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस इकाई व बाल कल्याण समिति के अधिकारी उपस्थित रहे।
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