{"_id":"66ca0a5c1b8af5c6b90ce2ad","slug":"congress-wants-two-flags-in-jammu-and-kashmir-arun-sao-question-from-rahul-gandhi-2024-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"'जम्मू कश्मीर में दो झंडे चाहती है कांग्रेस!': अरुण साव ने कहा- ये रिश्ता क्या कहलाता है, जवाब दें राहुल गांधी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'जम्मू कश्मीर में दो झंडे चाहती है कांग्रेस!': अरुण साव ने कहा- ये रिश्ता क्या कहलाता है, जवाब दें राहुल गांधी
Sat, 24 Aug 2024 09:59 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Sat, 24 Aug 2024 09:59 PM IST
सार
Arun Sao on Rahul Gandhi: छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस पर जुबानी हमला बोला है। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि जिस प्रकार से चुनाव लाभ लेने के लिए नेशनल कांफ्रेंस से कांग्रेस ने गठबंधन किया है।
विज्ञापन
अरुण साव, राहुल गांधी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
Arun Sao on Rahul Gandhi: छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस पर जुबानी हमला बोला है। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि जिस प्रकार से चुनाव लाभ लेने के लिए नेशनल कांफ्रेंस से कांग्रेस ने गठबंधन किया है। ऐसे में कांग्रेस जवाब दें कि नेशनल कांफ्रेंस से गठबंधन के बाद क्या कांग्रेस नेशनल कांफ्रेंस के अलग झंडा की मांग का भी समर्थन करेगी? राहुल गांधी बतायें कि नेशनल कांफ्रेंस का 370 और 35 ए को फिर से वापस लाकर जम्मू कश्मीर में फिर अशांति और आतंक के युग में धकेलने के एजेंडा का क्या कांग्रेस समर्थन करती है?
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कांग्रेस से सावल करते हुए पूछा कि नेशनल कांफ्रेंस के इस वादे का भी क्या कांग्रेस समर्थन करती है कि कश्मीर के युवाओं के बजाय पाकिस्तान से वार्ता करके फिर से अलगाववाद को बढ़ावा दे? क्या कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी एलओसी को शुरू करके फिर से बॉर्डर पर आतंकवाद और उनके इकोसिस्टम के समर्थ पोषण का समर्थन करती है? कांग्रेस आतंकवाद और पत्थर बाजी की घटनाओं में शामिल लोगों को परिजनों को फिर से नौकरी में बहाल कर आतंकवाद और दहशतगर्दी को फिर से कश्मीर में लाना चाहते हैं?
विज्ञापन
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि इस गठबंधन से कांग्रेस का आरक्षण विरोधी चेहरा एक बार फिर से सामने आया है। धारा 370 व 35 ए समाप्त होने के बाद दलित, गुर्जर, बकरवाल और पहाड़ियों को जो आरक्षण मिल रहा है, वह भी समाप्त करने की इनकी मानसिकता है। कांग्रेस को इस पर भी अपना रुख स्पष्ट करना पड़ेगा। जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था को क्या फिर से पाकिस्तान समर्पित परिवारों के हाथों में सौंप कर जम्मू कश्मीर के आम लोगों के हकों पर डाका डालने का समर्थन करते हैं। कांग्रेस पार्टी को यह भी बताना पड़ेगा कि नेशनल कांफ्रेंस के कश्मीर को ऑटोनॉमी देने के फायदे का भी समर्थन करते हैं जो विभाजनकारी मानसिकता का परिचायक है। कांग्रेस पार्टी जम्मू कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस के साथ गठबंधन करके फिर से जम्मू कश्मीर को उसी आतंकवाद, पत्थर बाजी, दहशतगर्दी के दौर में लाकर जम्मू कश्मीर को फिर बर्बाद करने की जो मानसिकता है उसके साथ जुड़कर काम कर रही है।