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Balod: समय से नहीं आते कार्यकर्ता और सहायिका, बच्चों को लौटना पड़ता घर, नाराज परिजनों ने जड़ा ताला
Wed, 16 Oct 2024 12:36 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
Published by: श्याम जी.
Updated Wed, 16 Oct 2024 12:36 PM IST
सार
बालोद जिले में आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक दो समय से न खुलने के चलते बच्चे परेशान हैं। आंगनवाड़ी सहायिका और कार्यकर्ता समय से नहीं पहुंचते हैं, जिसे लेकर पालकों में काफी आक्रोश है।
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आंगनवाड़ी केंद्र के बाहर खड़े बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बालोद जिले के ग्राम भेड़िया नवागांव में आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 2 में सहायिका और कार्यकर्ता समय पर नहीं आते, जिससे नाराज पालकों ने आंगनबाड़ी केंद्र में लगा ताला खुलने ही नहीं दिया। मामले की जानकारी अब तक प्रशासन को नहीं है। आंगनबाड़ी के सभी बच्चे घर लौट गए। आंगनबाड़ी खुलने का तय समय जो निश्चित है उसमें बच्चे तो पहुंच जाते हैं, लेकिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका नहीं पहुंच पाते। जिसे लेकर पालकों में काफी आक्रोश है।
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ग्रामीण चंद्रशेखर भेड़िया ने बताया कि समय रहते बच्चे तो विद्यालय पहुंच जाते हैं, लेकिन आंगनवाड़ी केंद्र के सहायिका और कार्यकर्ता नहीं पहुंचते हैं। उन्हें शासन द्वारा सारी सुविधाएं तो दी जाती है, लेकिन बच्चों को समय पर सही शिक्षा नहीं मिल पाती। आंगनवाड़ी केंद्र सीखने और स्वास्थ्य सुधार का एक बेहतरीन माध्यम है, लेकिन लापरवाह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की वजह से आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक दो कभी भी समय से नहीं खुलता है।
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समय से आंगनवाड़ी केंद्र नहीं खुलने की वजह से बच्चे घर लौट गए। पालकों में इस तरह आंगनवाड़ी की अव्यवस्था को लेकर काफी नाराजगी है। वहीं, ग्रामीण अब प्रशासन तक शिकायत करने की बात कह रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कभी-कभी का यह चल जाता हैस लेकिन रोज-रोज की यही समस्या है तो आखिर हम अपने बच्चों को यहां कैसे भेज सकते हैं। पूरे मामले की जानकारी देने और उनका पक्ष जानने महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन को फोन लगाया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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