{"_id":"6983561e114cfebdbe00abf6","slug":"chhattisgarh-new-startup-policy-approved-5-000-startups-to-get-a-booster-in-five-years-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"CG News: छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पांच साल में 5 हजार स्टार्टअप्स को मिलेगा बूस्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CG News: छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पांच साल में 5 हजार स्टार्टअप्स को मिलेगा बूस्टर
Wed, 04 Feb 2026 07:52 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 04 Feb 2026 07:52 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में नवाचार और उद्यमिता को नई रफ्तार देने के लिए “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” को मंज़ूरी दे दी है।
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में नवाचार और उद्यमिता को नई रफ्तार देने के लिए “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” को मंज़ूरी दे दी है। मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद यह नीति अगले पाँच वर्षों में प्रदेश को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
नई नीति के तहत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए DPIIT-पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन के नए अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
स्टार्टअप्स को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नीति में कई अहम प्रावधान किए गए हैं। इनमें 100 करोड़ रुपये का छत्तीसगढ़ स्टार्टअप कैपिटल फंड, 50 करोड़ रुपये का क्रेडिट रिस्क फंड, 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता, 5 वर्षों तक 75% तक ब्याज अनुदान, किराया अनुदान, मशीनरी व उपकरण पर पूंजी निवेश अनुदान, पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन पर 75% तक प्रतिपूर्ति शामिल है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए यात्रा, पंजीयन और स्टॉल शुल्क पर भी अनुदान दिया जाएगा।
विज्ञापन
महिला, एससी-एसटी और विशेष वर्गों को अतिरिक्त प्रोत्साहन
नई स्टार्टअप नीति में महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों और पब्लिक वेलफेयर व सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अंतर्गत उन्नत सुविधाओं वाले मेगा इनक्यूबेटर्स (हब) और जिलों में स्पोक इनक्यूबेटर्स स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी।
इनक्यूबेटर्स और कॉलेजों को भी मिलेगा समर्थन
नीति के तहत शासकीय इनक्यूबेटर्स को परियोजना लागत का 75% तक अनुदान, निजी इनक्यूबेटर्स को 50% तक अनुदान (अधिकतम 3 करोड़ रुपये), बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में स्थापित इनक्यूबेटर्स को अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे, जिनके संचालन के लिए 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक सहायता मिलेगी।
विज्ञापन
नई नीति के तहत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए DPIIT-पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन के नए अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
विज्ञापन
स्टार्टअप्स को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नीति में कई अहम प्रावधान किए गए हैं। इनमें 100 करोड़ रुपये का छत्तीसगढ़ स्टार्टअप कैपिटल फंड, 50 करोड़ रुपये का क्रेडिट रिस्क फंड, 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता, 5 वर्षों तक 75% तक ब्याज अनुदान, किराया अनुदान, मशीनरी व उपकरण पर पूंजी निवेश अनुदान, पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन पर 75% तक प्रतिपूर्ति शामिल है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए यात्रा, पंजीयन और स्टॉल शुल्क पर भी अनुदान दिया जाएगा।
विज्ञापन
महिला, एससी-एसटी और विशेष वर्गों को अतिरिक्त प्रोत्साहन
नई स्टार्टअप नीति में महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों और पब्लिक वेलफेयर व सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अंतर्गत उन्नत सुविधाओं वाले मेगा इनक्यूबेटर्स (हब) और जिलों में स्पोक इनक्यूबेटर्स स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी।
इनक्यूबेटर्स और कॉलेजों को भी मिलेगा समर्थन
नीति के तहत शासकीय इनक्यूबेटर्स को परियोजना लागत का 75% तक अनुदान, निजी इनक्यूबेटर्स को 50% तक अनुदान (अधिकतम 3 करोड़ रुपये), बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में स्थापित इनक्यूबेटर्स को अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे, जिनके संचालन के लिए 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक सहायता मिलेगी।