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Bilaspur : घूसखोर वनपाल गिरफ्तार, व्यापारी से लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने पर मांगे 50 हजार रुपये
Fri, 04 Nov 2022 06:48 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Fri, 04 Nov 2022 06:48 PM IST
सार
व्यापारी सत्यव्रत प्रधान ने वनपाल के रिश्वत मांगने की शिकायत ACB में कर दी। ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया। आरोपी वनपाल ने दूसरी किश्त की राशि 16 हजार 200 दिवाली के बाद लेने की बात कही। इसके बाद ACB ने ट्रैप का आयोजन किया और शुक्रवार को रिश्वत की दूसरी किश्त लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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घूस लेते पकड़ा गया आरोपी वनपाल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शुक्रवार को ACB टीम ने घूसखोर वनपाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक लकड़ी व्यापारी का लाइसेंस रिन्यूवल नहीं होने के चलते उससे 50 हजार रुपये मांगे थे। पहली किश्त के रूप में वह 35 हजार 800 रुपये ले चुका था और बाकी रकम लेने के लिए पहुंचा था। इसी दौरान ACB ने उसे धर दबोचा।
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जानकारी के मुताबिक, उसलापुर में सत्यवती प्रधान की सत्या फर्नीचर के नाम से दुकान है। यहीं पर उसकी आरामिल भी है। उन्होंने कोविड के दौरान आरा मिल के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया था। इसके बाद बिना रिन्यूवल के ही काम शुरू कर दिया। इस बीच लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही थी।
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इसकी जानकारी वन विभाग के अफसरों को मिली। इस पर CCF ऑफिस के उड़नदस्ते में शामिल वनपाल गजेंद्र गौतम 29 सितंबर को उसकी दुकान पर पहुंच गया। आरोप है कि आरा मिल का लाइसेंस नहीं होने और उसका नवीनीकरण कराने के लिए वनपाल गजेंद्र ने व्यापारी से 50 हजार रुपयों की मांग की और 35 हजार 800 रुपये ले गया।
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इस पर व्यापारी सत्यव्रत प्रधान ने वनपाल के रिश्वत मांगने की शिकायत ACB में कर दी। ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया। आरोपी वनपाल ने दूसरी किश्त की राशि 16 हजार 200 दिवाली के बाद लेने की बात कही। इसके बाद ACB ने ट्रैप का आयोजन किया और शुक्रवार को रिश्वत की दूसरी किश्त लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।