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बिलासपुर की जनता बोली- नेता सिर्फ चुनाव से पहले हाथ जोड़ते हैं, चुनाव बाद हम

Tue, 30 Oct 2018 08:54 AM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर Updated Tue, 30 Oct 2018 08:54 AM IST
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Chhattisgarh assembly election 2018: electoral issues of people of Bilaspur
अमर उजाला चुनाव रथ बिलासपुर में - फोटो : Amar Ujala
छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान में 12 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला आपको बताएगा छत्तीसगढ़ के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा बिलासपुर। संवाददाता वैभव कुमार ने हर उम्र के लोगों से बात करके जनता का मूड जानने की कोशिश की। 
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उन्होंने जाना कि आखिर जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना की जनता इस बार के चुनाव में किसे मौका देने वाली है। अमर उजाला के लाइव वीडियो में जानिए कि बिलासपुर इस बार किन मुद्दों पर वोट करने वाला है। 
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बिलासपुर में महिलाओं ने कहा कि वे देखेंगी कि नेता जनता के बारे में सोचता है या नहीं। आलम यह है कि नेता सिर्फ चुनाव से पहले हाथ जोड़ते हैं और चुनाव के बाद तो जनता ही हाथ जोड़ती है पांच साल तक और कोई काम नहीं होता। साफ सफाई की व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है। 
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महिलाओं की सुरक्षा के सवाल पर महिलाओं ने कहा कि इस मुद्दे पर ध्यान दिया गया है लेकिन आनेवाले समय में और ध्यान दिए जाने की जरूरत है। 

व्यापारियों का कहना है कि व्यापार के प्रति सरकार बिलकुल भी ध्यान नहीं देती है। आए दिन व्यापारियों को प्रताड़ित किया जाता है और टैक्स के ऊपर टैक्स लगाकर तंग किया जाता है। बिलासपुर में सेल्स टैक्स विभाग का कार्यालय स्नांतरित कर बहुत दूर कर दिया गया है। व्यापारियों की समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं होती है। इसलिए व्यापारियों की मांग है कि इस कार्यालय को फिर से उसकी पुरानी जगह पर लाया जाए। 

स्थानीय लोगों ने खराब सीवरेज व्यवस्था को भी चुनावी मुद्दा बताया। जनता का कहना है कि सीवरेज के लिए पहले चार इंच की पाइप लगाई गई जिसके फेल हो जाने पर 8 इंच फिर 12 इंच की पाइप डाली गई। वह भी फेल हो गई। उन्होंने कहा कि कम से कम 4 फीट की पाइप का सीवरेज के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए था।

एक जगह पर चार-चार बार गड्ढा खोदा गया। जिससे लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि सरकार ने जनता को परेशान किया है। सीवरेज को इन्होंने फेल बताया और कहा कि फिर से नाली का इस्तेमाल होगा। 

'आजादी के बाद पहली बार विकास हुआ'

कुछ लोगों ने कहा कि सड़कों पर गंदगी के लिए कुछ जनता की गलती है जो अपने घर का कूड़ा सड़कों पर फेंकती और कुछ प्रशासन की ढिलाई जो कड़ाई नहीं करती है। 

कुछ लोगों ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार इस सरकार ने विकास का काम किया है। उन्होंने गुजरात के लोगों की मानसिकता से स्थानीय लोगों की मानसिकता की तुलना कर गुजरात को बेहतर बताया। 

ट्रैफिक की समस्या की ओर भी कुछ लोगों ने ध्यान आकृष्ट किया। कई बाजारों में चलने तक की जगह नहीं वहां पार्किंग तो दूर की बात है। लोगों ने कहा कि नगर निगर, पुलिस और प्रशासन मिलकर काम करे तो ये समस्या दूर हो सकती है। सड़कों पर जानवरों के मल को भी समस्या बताया गया जिसकी सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। 

निम्न आय वर्ग के लोगों को एक रुपये किलो में चावल नहीं मिल पा रहा। गरीब रिक्शावालों को दुकान से वापस भेज दिया जाता है। लेकिन यह सस्ता चावल ऐसे लोगों को मिल जाता है जिनके पास पैसा है और वो इस चावल के हकदार नहीं है। 

पुरूषों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा पर बहुत ध्यान दिया गया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात 112 नंबर की गाड़ी फोन करने पर तुरंत पहुंच जाती है। 
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