बीजेपी की संभावित प्रत्याशियों की सूची पर हंगामा और बवाल: कार्यकर्ताओं ने कहा- नहीं चाहिए पैराशूट प्रत्याशी
छत्तीसगढ़ बीजेपी की संभावित प्रत्याशियों की सूची वायरल होने के बाद प्रदेश में जमकर बवाल और हंगामा मचा हुआ है। भाजपा कार्यकर्ता वायरल हो रही संभावित सूची का जमकर विरोध कर रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ बीजेपी की संभावित प्रत्याशियों की सूची वायरल होने के बाद प्रदेश में जमकर बवाल और हंगामा मचा हुआ है। भाजपा कार्यकर्ता वायरल हो रही संभावित सूची का जमकर विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में कार्यकर्ताओं ने आरंग से रायपुर तक जमकर बवाल काटा। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता डूमरतराई स्थित बीजेपी कार्यालय में पहुंचकर विरोध प्रर्दशन किया। पार्टी के सीनियर नेताओं से मिलने के नाम पर अड़े रहे। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमें पैराशूट लैंडिग प्रत्याशी (बाहरी) नहीं चाहिए। इस दौरान प्रदेश कार्यालय में उपस्थित कुछ पदाधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की पर वो नहीं माने। आरंग से रायपुर तक पैदल मार्च कर बीजेपी कार्यालय पहुंचे पर कार्यालय में जमीन पर ही बैठकर विरोध जताते रहे।
बीजेपी कार्यकर्ता सतनामी समाज के धर्म गुरु बालदास साहेब के बेटे गुरु खुशवंत साहेब को आरंग विधानसभा सीट से टिकट दिए जाने की चर्चा को लेकर काफी खफा है। नाराज कार्यकर्ताओं को कहना है कि जिस नेता ने मंत्री शिवकुमार डहरिया के खिलाफ लगातार जमीन पर काम किया है। धरना प्रदर्शन कर जनहित के मुद्दे उठाए हैं। जतना की आवाज बुलंद की है, ऐसे नेता को टिकट न देकर पैराशूट लैडिंग कराया जाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हम किसी व्यक्ति विशेष के की मांग को लेकर नहीं आए हैं। हम गुरु खुशवंत का सम्मान करते हैं। उन्हें पार्टी में आए अभी 15 दिन हुए हैं और ऐसे में उन्हें पार्टी प्रत्याशी के रूप में उतारने की चर्चा सही नहीं है। पार्टी किसी को टिकट दे तो हम उसे जिताएंगे लेकिन हर हाल में पैराशूट प्रत्याशी नहीं चाहिए।
धरसीवां विधानसभा में एक्टर अनुज शर्मा का पुतला फूंका
इस प्रकरण से दो दिन पहले ही धरसीवां विधानसभा सीट पर पैराशूट प्रत्याशी छत्तीसगढ़ी एक्टर अनुज शर्मा के टिकट दिए जाने की चर्चा को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल काटा था। इतना ही नहीं एक्टर का पुलता फूंककर विरोध जताया था। बाहरी भगाओ, धरसीवां बचाओ के नारे भी लगाए गए थे। ये सब बीजेपी की संभावित दूसरी सूची के वायरल होने के बाद से ही हो रहा है।
रायपुर ग्रामीण विधानसभा से उत्तर भारतीय समाज नाराज, रविंद्र सिंह को टिकट देने की मांग
रायपुर ग्रामीण से उत्तर भारतीय समाज के एक धड़े में भारी नाराजगी है। वो बीजेपी नेता रविंद्र सिंह को टिकट दिए जाने की मांग कर रहे हैं। रविंद सिंह डब्ल्यूआरएस कॉलोनी रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव और पूर्व सीएम रमन सिंह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए थे। वो रायपुर ग्रामीण विधानसभा में लगातार सक्रिय हैं। जनहित और सामाजिक मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं। ऐसे में पार्टी में रायपुर ग्रामीण सीट से उन्हें टिकट न मिलने की चर्चा पर उनके समर्थकों में और उत्तर भारतीय समाज के लोगों में भारी नाराजगी है। दबी जुबान से कई कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी नाराजगी जता रहे हैं। कई ने टिकट मिलने के लिए मन्नत भी मांगी है।
आरंग विधानसभा: गुरु खुशवंत साहेब का विरोध
गुरु खुशवंत साहेब सतनामी समाज के धार्मिक गुरु बालदास साहेब के बेटे हैं। उन्होंने अगस्त में बीजेपी की सदस्यता ली है। वो पिता के साथ सामाजिक राजनीतिक मैदान में सक्रिय हैं। वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव के समय बालदास भाजपा का समर्थन करते थे, लेकिन साल 2018 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का हाथ थाम लिया था। कांग्रेस में तवज्जो नहीं मिलने पर बालदास साहेब भारी खफा था। उसके बाद अगस्त में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सामने बीजेपी में प्रवेश किए।
क्या है असली माजरा
बीजेपी 21 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर चुकी है। इसमें कमजोर सीटों वाले प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा गया है ताकि उन्हें प्रचार-प्रसार करने का भरपूर समय मिल सके। लेकिन पहली लिस्ट में भी कई नए चेहरों को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो चुका है। दूसरी ओर बीजेपी की दूसरी लिस्ट जारी नहीं हुई है, लेकिन संभावित सूची के वायरल होने के बाद से पार्टी कार्यकर्ताओं में कोहराम मचा हुआ है। फिलहाल, कयासों के नाम पर ही विवाद चल रहा है। कई नामों पर भाजपा के भीतर बवाल मचा हुआ है। बात पार्टी हाईकमान तक पहुंच चुकी है तो इस पर विचार करने के लिए दिल्ली में मंथन चल रहा है। एक बार फिर से विरोध वाले जगहों पर दोबारा सर्वे कराने की बात चर्चा में है।