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छत्तीसगढ़: पीएम केयर्स फंड से बनाए गए पीएसए प्लांट की देखभाल ठीक से न होने की खबरों को केंद्र ने खारिज किया
Mon, 10 Jan 2022 09:37 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 10 Jan 2022 09:37 PM IST
सार
पीएम केयर्स फंड से छत्तीसगढ़ में बनाए गए पीएसए प्लांट की देखभाल ठीक से न होने की खबरों को भारत सरकार ने खारिज किया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
छत्तीसगढ़ में ऑक्सीजन उत्पादन के लिए पीएम केयर्स फंड से स्थापित किए गए पीएसए प्लांट की देखभाल सही से न किए जाने की खबरों पर सोमवार को केंद्र सरकार ने प्रतिक्रिया दी। केंद्र ने कहा कि सभी पीएसए प्लांट की देखभाल नियमों के अनुसार की जा रही है। इस तरह की खबरें निराधार हैं और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
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केंद्र ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न स्रोतों के माध्यम से 122 पीएसए प्लांट स्थापित किए गए हैं। इनमें से 24 की स्थापना पीएम केयर्स फंड से की गई है। मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन करने के लिए उपयोग होने वाले एब्जॉर्बेंट जियोलाइट को प्लांट के 1000 घंटे चलने के बाद बदलने की जरूरत होती है।
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सरकार ने कहा कि उद्योग मानदंडों के अनुसार जियोलाइट को बिना इस्तेमाल किए तीन से पांच साल तक रखा जा सकता है और इस अवधि के बाद ही इसे बदलना चाहिए। इसके लिए राशि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से स्वीकृत की गई है। 49 में से 13 प्लांट कुछ कारणों से नहीं चल रहे हैं, जिसके बारे में राज्य को बताया जा चुका है।
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