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Bilaspur: अरपा नदी के संरक्षण और अवैध खनन को लेकर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, सरकार ने दाखिल किया ये जवाब
Tue, 16 Sep 2025 10:27 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: आकाश दुबे
Updated Tue, 16 Sep 2025 10:27 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य से निकलने वाली नदियों के उद्गम स्थल आखिर क्यों सूख रहे हैं, यह जानने और इन स्थलों को तलाशने के लिए राज्य सरकार द्वारा कमेटी बनाई जानी चाहिए। शासन की ओर से इस पर सहमति जताई गई।
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बिलासपुर हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अरपा नदी के संरक्षण, अवैध खनन सहित अन्य मुद्दों पर मंगलवार को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में मंगलवार को सुनवाई हुई। राज्य से निकलने वाली नदियों के संरक्षण के लिए हाईकोर्ट ने काम करने की जरूरत बताई है। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि अरपा सहित सात नदियों के संरक्षण के लिए कमेटी बनाई जा चुकी है। प्रदेश की अन्य नदियों के संरक्षण और संर्वधन के लिए भी काम किया जाएगा। कोर्ट ने सभी नदियों और उनके उद्गम स्थल को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी।
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सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर राज्य शासन द्वारा प्रस्तुत जवाब में बताया गया कि अरपा सहित 7 नदियों महानदी, हसदेव, तांदूला, पैरी, केलो, मांड के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। साथ ही अन्य 19 नदियों के संरक्षण के लिए भी काम किया जाएगा। हालांकि कोर्ट ने गौरेला पेंड्रा मरवाही प्रशासन के उस आवेदन को नहीं माना, जिसमें क्षेत्र की नदियों का हाईटेक सर्वे कराने के लिए 2 करोड़ 60 लाख रुपये की मांग की गई थी। इस दौरान 2018 में बनाई गई भागवत कमेटी की बात याचिकाकर्ताओं की तरफ से उठाई गई। यह कमेटी नदियों के संरक्षण पर काम करने के लिए बनी थी।
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हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य से निकलने वाली नदियों के उद्गम स्थल आखिर क्यों सूख रहे हैं, यह जानने और इन स्थलों को तलाशने के लिए राज्य सरकार द्वारा कमेटी बनाई जानी चाहिए। शासन की ओर से इस पर सहमति जताई गई। यह कमेटी उद्गम स्थलों को पुनर्जीवित करने और इनसे पानी का बहाव बनाए रखने की दिशा में काम करेगी। कमेटी का सबसे पहला काम होगा नदियों के उद्गमों की तलाश करना। शासन ने कहा कि जिन जिलों से नदियों का उद्गम है वहां के कलेक्टर इसके अध्यक्ष रहेंगे। इसके साथ ही खनिज, वन और जिला पंचायत के अधिकारी कमेटी के सदस्य होंगे।
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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नगर निगम बिलासपुर को नया शपथ पत्र पेश करने कहा है। कोर्ट ने पूछा है कि अरपा के गंदे पानी को साफ करने के लिए बनाए जा रहे एसटीपी की क्या हालत है। निगम द्वारा इससे पहले पेश जवाब में कहा गया है कि 103 करोड़ की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके अनुसार नदी में गिरने वाले पानी की सफाई के लिए अरपा में चार एसटीपी निगम बना रहा है। निगम का दावा है कि मार्च 2026 तक चारों एसटीपी पूरे हो जाएंगे। इसमें 30 करोड़ की लागत से मंगला में 2 और कोनी व जवाली नाला पर 1-1 एसटीपी के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। अब इसके साथ ही निगम ने तीन और एसटीपी बनाने का फैसला लिया है। इसमें चिंगराजपारा में 40 एमएलडी का, तिलकनगर में चार एमएलडी का और शनिचरी में आठ एमएलडी का एसटीपी बनाया जाएगा।