{"_id":"649ad546333c9434430ea3f9","slug":"chhattisgarh-high-court-interim-stay-on-teacher-recruitment-process-2023-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर रोक: बिलासपुर हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब; 10 जून को हुई थी परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर रोक: बिलासपुर हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब; 10 जून को हुई थी परीक्षा
Tue, 27 Jun 2023 05:55 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 27 Jun 2023 05:55 PM IST
सार
याचिका में कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया में पदोन्नति एवं सेवा भर्ती नियम के विपरीत विज्ञापन जारी किया गया है। मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस पीपी साहू की एकलपीठ ने शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, और मामले के निराकरण तक भर्ती प्रक्रिया के परिणामों पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। सेवा भर्ती नियम 2019 के विपरीत शिक्षक भर्ती विज्ञापन में अतिथि शिक्षकों को बोनस अंक देने और विषय वार विज्ञापन जारी नहीं करने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने शासन से जवाब तलब किया है। भर्ती परीक्षा 10 जून को ही संपन्न कराई गई थी। उसका परिणाम अभी जारी नहीं हुआ है।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता वेदप्रकाश समेत अन्य ने अधिवक्ता अजय श्रीवास्तव के जरिए हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई है। इसमें कहा गया है कि, छत्तीसगढ़ शासन ने शिक्षक के टी-संवर्ग के 4659 पद और ई-संवर्ग के 1113 पदों की भर्ती के लिए 4 मई को विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया में अतिथि शिक्षकों को बोनस अंक देने का प्रावधान भी विज्ञापन में बताया गया, जबकि छग स्कूल शिक्षा सेवा संवर्ग भर्ती नियम 2019 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
विज्ञापन
इसके अलावा उक्त पदोन्नति और भर्ती नियम के अनुसार शिक्षक के पद पर विषयवार सीधी भर्ती व पदोन्नति किया जाना है। जो विज्ञापन जारी किया गया वह केवल शिक्षक के लिए है। किसी प्रकार का विषय का वर्गीकरण नहीं किया गया। जबकि सभी विषयों के लिए अलग-अलग पद जारी किया जाना था। ऐसे में अभ्यर्थी को यह भी जानकारी नहीं होगी, कि उसके विषय का पद का रिक्त है या नहीं।
विज्ञापन