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Bilaspur: ऑनलाइन सट्टा एप के मामले में हवाला कारोबारी अनिल और सुनील को हाईकोर्ट से झटका, जमानत अर्जी हुई खारिज
Tue, 09 Jan 2024 11:14 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: आकाश दुबे
Updated Tue, 09 Jan 2024 11:14 PM IST
सार
जमानत अर्जी पर पिछले दिनों हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई थी, कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रखा था। जिस पर जस्टिस एनके चंद्रवंशी की अदालत ने फैसला सुनाया है।
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ऑनलाइन सट्टा एप के केस में गिरफ्तार हवाला कारोबारी अनिल और सुनील दम्मानी की जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। दोनों भाई अनिल और सुनील जेल में बंद हैं। उनकी जमानत अर्जी पर पिछले दिनों हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई थी, कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रखा था। जिस पर मंगलवार को जस्टिस एनके चंद्रवंशी की अदालत ने फैसला सुनाया है।
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महादेव सट्टा ऐप के मामले की जांच कर रही ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम ने बीते 23 अगस्त को रायपुर और दुर्ग में छापेमारी कर मनी लॉन्ड्रिंग के केस में हवाला कारोबारी अनिल और सुनील दम्मानी समेत एएसआई चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के विरोध में दोनों भाई ने रायपुर स्थित ईडी की विशेष अदालत में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत आवेदन खारिज कर दिया था। जिसके बाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई गई थी, मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने तर्क देते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं को राजनीतिक दबाव में गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ सीधे तौर पर कोई साक्ष्य नहीं है और न ही रुपयों के लेनदेन का कोई रिकॉर्ड है। आगे यह भी कहा कि ईडी की पूछताछ पूरी हो चुकी है और अब उन्हें जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से सशर्त जमानत की मांग की थी। जस्टिस एनके चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।
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