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बीजापुर: आदिवासियों पर वन विभाग की ज्यादती, विधायक ने उठाई आवाज, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Thu, 07 Aug 2025 08:30 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: Digvijay Singh Updated Thu, 07 Aug 2025 08:30 PM IST
सार

बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लाक के भद्रकाली गांव में गुरुवार को विधायक विक्रम मंडावी ने दशकों से बसे आदिवासी गांवों का दौरा किया, जहां वन विभाग द्वारा कथित तौर पर जबरन बेदखली की कार्रवाई से ग्रामीण त्रस्त हैं।

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Forest department atrocities on tribals MLA raised voice warned of fierce agitation in Bijapur
विधायक विक्रम मंडावी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लाक के भद्रकाली गांव में गुरुवार को विधायक विक्रम मंडावी ने दशकों से बसे आदिवासी गांवों का दौरा किया, जहां वन विभाग द्वारा कथित तौर पर जबरन बेदखली की कार्रवाई से ग्रामीण त्रस्त हैं। ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि वे वर्षों से खेती-किसानी कर जीवनयापन कर रहे हैं, लेकिन अब वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उन्हें बेवजह परेशान कर रहे हैं। खेती उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है, फिर भी उन्हें जमीन से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है।

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ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि वन विभाग द्वारा उनकी खेती पर रोक लगाने के साथ-साथ उनके बैल और हल जैसे कृषि उपकरण तक जब्त किए जा रहे हैं। विधायक ने इसे आदिवासियों के खिलाफ अन्याय करार देते हुए कहा,जब से प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन सरकार सत्ता में आई है, आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन से बेदखल करने का सिलसिला तेज हो गया है। उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि तब आदिवासियों को वन अधिकार पट्टे दिए जाते थे, लेकिन अब उनकी जमीन छीनी जा रही है। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक  ने चेतावनी दी कि अगर वन विभाग की दादागिरी  नहीं रुकी, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आदिवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीन पर खेती करने का हक नहीं है? क्या बैल और हल जैसे उनके रोजगार के साधनों को जब्त करना उचित है? उन्होंने मांग की कि वन अधिकार कानून के तहत आदिवासियों को तत्काल वन भूमि के पट्टे दिए जाएं और बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
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विधायक  का मुख्यमंत्री से सवाल ?
विधायक मंडावी ने सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सवाल किया, भद्रकाली के गरीब आदिवासी, जो वर्षों से वन भूमि पर खेती कर रहे हैं, उन्हें वन विभाग द्वारा क्यों परेशान किया जा रहा है? क्या आदिवासियों का जल, जंगल और जमीन पर कोई अधिकार नहीं है?” उन्होंने सरकार से मांग की कि आदिवासियों के हितों की रक्षा की जाए और वन विभाग की कार्रवाइयों पर तुरंत रोक लगे। इस दौरे के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कामेश्वर गौतम,पूर्व जिला पंचायत सदस्य चापा सुरेंद्र, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भोपालपटनम के अध्यक्ष रमेश पामभोई और सत्यम के. जी. सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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