फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Bijapur News ›   Bhumkal Diwas adivasi samaj took out a rally and held a public meeting.

भूमकाल दिवस: आदिवासी समाज ने रैली निकालकर की आमसभा, शहीदों को याद कर जल, जंगल-जमीन की रक्षा का लिया संकल्प

Mon, 10 Feb 2025 10:31 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: आकाश दुबे Updated Mon, 10 Feb 2025 10:31 PM IST
सार

सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने बताया कि आदिवासियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भूमकाल आंदोलन की शुरुआत की थी। यह आंदोलन बस्तर के वीर आदिवासी नायकों के बलिदान को लेकर याद किया जाता है।

विज्ञापन
Bhumkal Diwas adivasi samaj took out a rally and held a public meeting.
बैठक में मौजूद समाज के लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भूमकाल के वीर शहीदों को याद करते हुए जल जंगल जमीन और संस्कृति के रक्षा का संकल्प लेते हुए सोमवार को आम सभा कर रैली निकाली गई। साथ ही राज्यपाल के नाम एसडीएम विकास सर्वे को ज्ञापन सौंपा गया। सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने बताया कि आदिवासियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भूमकाल आंदोलन की शुरुआत की थी। यह आंदोलन बस्तर के वीर आदिवासी नायकों के बलिदान को लेकर याद किया जाता है, जिन्होंने आजादी और अपने जल, जंगल, जमीन की लड़ाई के लिए अंग्रेजों के गोला बारूद का सामना तीर धनुष और अपने पारंपरिक हथियारों से किया था।

विज्ञापन


जग्गूराम तेलामी ने बताया कि बस्तर के वीर स्वतंत्रता संग्राम में महानायकों के सम्मान में भैरमगढ़ नगर में भूमकाल दिवस हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। आम सभा को सर्व पिछड़ावर्ग समाज, सर्व आदिवासी समाज पदाधिकारियों ने संबोधित किया। वहीं बच्चों और युवाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। रैली सभा स्थल से निकल कर भैरमगढ़ नगर के पुराने बस स्टैंड से लौटकर एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान सर्व आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष सीताराम मांझी, भाव सिंह भास्कर, रामलाल यादव, सुनील सोनी, बना फरसा, विनिता बघेल, सुहागा तारम, रानू सोरी, अनुरंजन मिंज, अमित कोरसा, कमलेश पैंकरा, सुशील हेमला, श्रवण सैंड्रा, बुधराम गावड़े सहित अन्य सामाजिक पदाधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन


यह थीं मांगें-
टीएसपी आदिवासी उप योजना में आवंटित राशि की शत प्रतिशत राशि आदिवासियों के शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा में ही उपयोग करते हुए अन्य मद में उपयोग पर रोक लगाई जाए। प्राथमिक विद्यालय में प्रारंभिक शिक्षा गोंडी, हल्बी, भतरी, दोरला, ध्रुवी बोली भाषा में शिक्षा सुलभ करें ताकि हम अपनी मातृ भाषा, संस्कृति का सरंक्षण कर सकें। पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की कर्मचारी भर्ती में स्थानीय आरक्षण लागू किया जाए। शासकीय नौकरी में बैकलाग एवं नई भर्ती में आरक्षण रोस्टर लागू किया जाए। आदिवासी सलाहकार परिषद का गठन नियमानुसार किया जाए। पांचवी अनुसूची क्षेत्र का कड़ाई से पालन करते हुए पेशा कानून के तहत ग्राम सभा की सर्वोच्चता की अवहेलना बंद हो। बीजापुर जिले में विकास और सड़कों के विस्तार के नाम पर बहुमूल्य वन, पहाड़, नदी - नाले संपदा को नष्ट कर बड़े उद्योगपति को सौंपने पर रोक लगाई जाए। स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए ग्रामीण इलाकों में नियमित चिकित्सक और कर्मियों की भर्ती की जाए समेत अन्य मांगें की हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed