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छत्तीसगढ़ में मना 'बिहार दिवस': सीएम साय बोले-लिट्टी-चोखा से लेकर तीजा-छठ तक आपस में जुड़ी है दोनों की संस्कृति

Sat, 22 Mar 2025 07:36 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Sat, 22 Mar 2025 07:36 PM IST
सार

'Bihar Day' celebrated in Chhattisgarh: बिहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराएं, त्योहार और पारिवारिक मूल्य, सब कुछ एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं।

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'Bihar Day' celebrated in Chhattisgarh: CM Sai said litti-chokha to Teej-Chhath is interconnected culture
भिलाई में सीएम विष्णुदेव साय और प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन का सम्मान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

'Bihar Day' celebrated in Chhattisgarh: बिहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराएं, त्योहार और पारिवारिक मूल्य, सब कुछ एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। ये रिश्ता केवल भूगोल का नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कारों का भी है। बिहार की लिट्टी-चोखा हो या छत्तीसगढ़ का चीला-फरा, तीजा हो या छठ दोनों राज्यों की संस्कृति एक जैसी है। खमरछठ और छठ पूजा दोनों ही पर्व मातृशक्ति और प्रकृति के प्रति आभार के प्रतीक हैं। ये बातें छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने शनिवार को भिलाई में आयोजित "बिहार-तिहार स्नेह मिलन" में कहीं। यह कार्यक्रम "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" अभियान के तहत बिहार स्थापना दिवस पर आयोजित किया गया।

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मुख्यमंत्री साय ने सभी बिहारी भाइयों और बहनों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि हम सब मिलकर प्रधानमंत्री श्री मोदी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ाएँ। यह आयोजन आपसी प्रेम, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की मिसाल है। बिहार और छत्तीसगढ़ के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता केवल कहावत नहीं, अब सामाजिक हकीकत बन चुकी है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा उनकी माता भी अविभाजित बिहार से थीं और उनका झारखंड से पुराना संबंध रहा है। छठ पूजा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब छठ पर्व छत्तीसगढ़ में भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। राज्यभर के तालाबों और नदियों पर सुंदर छठ घाटों का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं भी जशपुर जिले के कुनकुरी में एक करोड़ की लागत से छठ घाट बनवाया है।
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बिहार की विभूतियों को किया याद
उन्होंने बिहार के गौरवशाली इतिहास को नमन करते हुए कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार से थे। नालंदा विश्वविद्यालय, जिसने भारत को विश्वगुरु बनाया, बिहार की देन है। आर्यभट्ट, जिन्होंने शून्य की खोज की, बिहार की महान विभूति हैं। कर्पूरी ठाकुर जैसे सामाजिक न्याय के पुरोधा यहीं की धरती से निकले।
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'मोदी की गारंटी: वादा नहीं, संकल्प है '
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी पर भरोसा किया और हमें सेवा का अवसर मिला। सरकार ने बीते सवा साल में जनहित की कई योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 70 लाख से अधिक विवाहित माताओं-बहनों को हर महीने ₹1000 की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सम्मान में वृद्धि हुई है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। तीर्थ यात्रा योजना को नए वित्तीय वर्ष से पुनः प्रारंभ किया जा रहा है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर फिर से सुलभ हो सके।



"एक भारत-श्रेष्ठ भारत" की संकल्पना को समर्थन
सीएम ने प्रधानमंत्री मोदी के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से भाषायी, सामाजिक और सांस्कृतिक दूरियाँ कम होती हैं। आज का यह समारोह दो राज्यों के बीच भाईचारे और सांस्कृतिक समझ का सेतु बना है। इस अवसर पर विधायक रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, नगर निगम दुर्ग की महापौर अल्का बाघमार एवं अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में  उपस्थित थे।

इस दौरान बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि बिहार दिवस का उद्देश्य हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में बिहार में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस दौरान लोगों ने भोजपुरी गीतों का जमकर आनंद लिया। 

कांग्रेस बोली- छत्तीसगढ़ प्रभारी नीतिन नवीन की चाटुकारिता मात्र है ये इवेंट
बीजेपी की ओर से छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मनाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा ति बिहार की स्थापना अभी नहीं हुई है, बिहार का अस्तित्व भारतीय जनता पार्टी की स्थापना से पहले है। जहां तक छत्तीसगढ़ की बात है तो पिछले 25 साल में 16 साल से अधिक समय भाजपा की सरकारे रही है। छत्तीसगढ़ में 2003 से 2018 तक लगातार भाजपा की सरकार थी, पिछले साल भी इनकी ही सरकार थी, तब छत्तीसगढ़ इकाई को बिहार दिवस याद नहीं रहा आज यह बिहार दिवस मना रहे हैं मतलब साफ है कि भाजपा का हर इवेंट चुनावी लाभ के लिये होता है। 

बिहार दिवस मनाने का पाखंड कर रही बीजेपी
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार में चुनाव होने वाले हैं तो भाजपा यहां रहने वाले बिहार के लोगों को प्रभावित करने के लिए बिहार दिवस मनाने का पाखंड कर रही है जबकि हकीकत यह है कि हाल ही में कुछ दिन पूर्व आधी रात को लगभग 2500 लोगों को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग थानों में बैठाया गया था उसमें से अधिसंख्यक लोग बिहार से थे, जिन्हें रोहिंग्या और बांग्लादेशी बताकर अपमानित किए, प्रताड़ित किए आज राजनैतिक स्वार्थ में भाजपाईयों को उनकी याद आ रही है।



'नवीन ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति लगाने का किया था विरोध'
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि कांग्रेस को किसी प्रदेश या वहां के नागरिकों से कोई गुरेज नहीं लेकिन जिस नितिन नवीन ने पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के जिला मुख्यालयों में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति लगाने का विरोध किया, जिन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि हम क्षेत्रीय राष्ट्रवाद और छत्तीसगढ़ियावाद को नहीं मानते उसी नीति नबीन की चाटुकारिता में भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार इस छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मना रही है? पूर्व प्रदेश के पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने न केवल छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा रीति रिवाज और खान-पान के संरक्षण और संवर्धन का काम किया बल्कि छत्तीसगढ़िया स्वाभीमान और आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना की। न केवल हरेली, तिजापोरा, गोवर्धन पूजा, विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश, देवगुड़ी और घोटुल के सरकारी आयोजन हुए इसके साथ ही छठ पूजा घाटों का निर्माण भी किया गया। भाजपा की सरकार में तो आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासी विश्व आदिवासी दिवस के दिन कोई आयोजन तक नहीं हुआ, लेकिन अब एक बिहारी प्रभारी जिसने छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान किए उसके लिए बिहार दिवस मनाया जा रहा है।


क्या राजस्थान दिवस भी मनायेगी बीजेपी: कांग्रेस
उन्होंने कहा है कि बिहार दिवस को नवाचार बताने का कुतर्क करने वाले भाजपाई बताएं कि देश में 28 राज्य और आठ केंद्र शासित प्रदेश है। इसी महीने राजस्थान दिवस भी है, जहां भाजपा की ही सरकार है, क्या इन राज्यों का स्थापना दिवस भी छत्तीसगढ़ में मनाया जाएगा? भाजपा की सरकार आने के बाद से सरकारी आयोजनों में राज गीत अरपा पैरी के धार का गायन बंद है। भाजपा को छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढीया से इतनी हिकारत है कि  यहां के प्रथा, परंपरा, संस्कृति और खान पान को भी अपमानित करने का कोई अवसर नहीं छोड़ते, बोरे बासी को छप्पन भोग बताते हैं लेकिन अपने आकाओं को खुश करने छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस का आयोजन कर रहे हैं।


 

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