{"_id":"6892068f1f9d7d6cfc0d8a2c","slug":"big-action-in-cgmsc-drug-scam-ed-seizes-shashank-chopra-s-property-worth-rs-40-crore-6-people-in-jail-so-far-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"CGMSC दवा घोटाले में बड़ा एक्शन: ईडी ने शशांक चोपड़ा की 40 करोड़ की संपत्ति सीज की, अब तक 6 लोग जेल में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CGMSC दवा घोटाले में बड़ा एक्शन: ईडी ने शशांक चोपड़ा की 40 करोड़ की संपत्ति सीज की, अब तक 6 लोग जेल में
Tue, 05 Aug 2025 06:58 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 05 Aug 2025 06:58 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) के बहुचर्चित दवा खरीद घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा एक्शन लिया है। मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा और उनके परिजनों की 40 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर लिया है।
विज्ञापन
CGMSC दवा घोटाले में बड़ा एक्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) के बहुचर्चित दवा खरीद घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा एक्शन लिया है। मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा और उनके परिजनों की 40 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई हाल ही में 30 और 31 जुलाई को रायपुर समेत 20 ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद सामने आई है।
इस घोटाले की जांच राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा की जा रही है। लगभग 450 करोड़ रुपये के इस घोटाले में दवा और रीएजेंट की खरीद-फरोख्त में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा पर घोटाले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। फिलहाल वह अन्य 5 आरोपियों के साथ जेल में बंद हैं, जिनमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं।
विज्ञापन
कैसे हुआ घोटाला?
जांच में सामने आया कि शशांक चोपड़ा ने तकनीकी अधिकारियों को रिश्वत देकर निविदाएं हड़पीं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी कर पूल टेंडरिंग की गई, जिसमें अन्य कंपनियों के मुकाबले कम कीमत दर्शाकर ठेका मोक्षित को दिलाया गया, फिर सप्लाई महंगे दामों पर की गई।
उदाहरण के तौर पर, 8 रुपये की दवा 23 रुपये में सप्लाई की गई। इसके अलावा ट्रीटमेंट मशीनें महंगे दामों पर खरीदी गईं, लेकिन सभी जगह स्थापित नहीं की गईं। कुछ मशीनें इंस्टॉल होने के बाद भी अचानक लॉक कर दी गईं, जिससे शासन को भारी नुकसान हुआ। केवल रीएजेंट की बर्बादी से ही करीब 95 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
कानूनी कार्रवाई और कोर्ट का रुख
EOW और ACB ने IPC की धारा 409 (विश्वासघात) और 120B (षड्यंत्र), साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। कई सरकारी अफसरों की गिरफ्तारी हो चुकी है। शशांक चोपड़ा ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने याचिका खारिज कर दी।
ईडी की एंट्री से तेज हुई जांच
अब ईडी की जांच शुरू होने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। संपत्ति जब्ती के साथ इस घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की भी पड़ताल हो रही है। सूत्रों के अनुसार आगे और भी गिरफ्तारियां और संपत्तियां जब्त हो सकती हैं।
विज्ञापन
इस घोटाले की जांच राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा की जा रही है। लगभग 450 करोड़ रुपये के इस घोटाले में दवा और रीएजेंट की खरीद-फरोख्त में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा पर घोटाले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। फिलहाल वह अन्य 5 आरोपियों के साथ जेल में बंद हैं, जिनमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं।
विज्ञापन
ED, Raipur has conducted search operations on 30.07.2025-31.07.2025 at 20 locations in Chhattisgarh at the residential/office premises of Shashank Chopda, his family members, their business entities and other associates including Officials of State of Chhattisgarh under the… pic.twitter.com/sE2duDbdUr
— ED (@dir_ed) August 5, 2025
विज्ञापन
कैसे हुआ घोटाला?
जांच में सामने आया कि शशांक चोपड़ा ने तकनीकी अधिकारियों को रिश्वत देकर निविदाएं हड़पीं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी कर पूल टेंडरिंग की गई, जिसमें अन्य कंपनियों के मुकाबले कम कीमत दर्शाकर ठेका मोक्षित को दिलाया गया, फिर सप्लाई महंगे दामों पर की गई।
उदाहरण के तौर पर, 8 रुपये की दवा 23 रुपये में सप्लाई की गई। इसके अलावा ट्रीटमेंट मशीनें महंगे दामों पर खरीदी गईं, लेकिन सभी जगह स्थापित नहीं की गईं। कुछ मशीनें इंस्टॉल होने के बाद भी अचानक लॉक कर दी गईं, जिससे शासन को भारी नुकसान हुआ। केवल रीएजेंट की बर्बादी से ही करीब 95 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
कानूनी कार्रवाई और कोर्ट का रुख
EOW और ACB ने IPC की धारा 409 (विश्वासघात) और 120B (षड्यंत्र), साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। कई सरकारी अफसरों की गिरफ्तारी हो चुकी है। शशांक चोपड़ा ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने याचिका खारिज कर दी।
ईडी की एंट्री से तेज हुई जांच
अब ईडी की जांच शुरू होने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। संपत्ति जब्ती के साथ इस घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की भी पड़ताल हो रही है। सूत्रों के अनुसार आगे और भी गिरफ्तारियां और संपत्तियां जब्त हो सकती हैं।