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लोकसभा चुनाव 2019: छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी नहीं लड़ेंगे चुनाव, सभी सीटें बसपा को दीं
Fri, 22 Mar 2019 03:23 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 22 Mar 2019 03:23 PM IST
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अजीत जोगी
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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (सीजेसी) के मुखिया अजीत जोगी इस बार चुनाव नहीं लड़ेगे। जोगी इस लोकसभा चुनाव से अपनी पार्टी को दूर रखने की तैयारी में हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ का लोकसभा चुनाव दोतरफा ही रह जाएगा। मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के ही बीच रहने वाला है।
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आपको बता दें कि जोगी ने 2005 में कांग्रेस छोड़कर अपनी पार्टी बना ली थी। राज्य की राजनीति में उनका दबदबा है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन सन 2000 में हुआ था और तब से ऐसा अब तक नहीं हुआ कि सीजेसी नेता चुनाव मैदान में न उतरे हों।
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कांग्रेस ने 2004 का चुनाव जोगी की अगुवाई में लड़ा था। 2003 के विधानसभा चुनाव में भी जनता ने उन्हे बतौर मुख्यमंत्री सत्ता के सिंहासन तक पहुंचाया था। 2009 में जोगी की पत्नी रेनु ने कांग्रेस के टिकट पर बिलासपुर से चुनाव लड़ा था लेकिन वे 2 लाख मतों के भारी अंतर से हार गई थीं।
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पांच साल के बाद जोगी खुद राष्ट्रीय राजनीति के पटल पर उतरे और महासमुंद से चुनावी मुकाबले में कूद पड़े, लेकिन वे मामूली वोटों (1,217) से हार गए थे। जोगी को बीजेपी के चंदू लाल साहू ने शिकस्त दी।
गौरतलब है कि 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले जोगी ने खुद को कांग्रेस और बीजेपी के विकल्प के तौर पर पेश किया और मायावती की बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन कर लिया। जोगी का कहना है, मुझे लगा कि त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में मैं किंग मेकर की भूमिका में रहूंगा और हमारा गठबंधन (बीएसपी-सीजेसी) 15 सीटें जीत ही जाएगा।
लेकिन ऐसा हुआ नहीं। गठबंधन को सात ही सीटें मिल पाईं। कांग्रेस को दो तिहाई सीटों से बहुमत हासिल हो गया। कांग्रेस को 90 में से 68 सीटें मिल गईं जबकि सत्ताधारी बीजेपी को महज 15 सीटें ही हासिल हो सकीं।
जोगी का कहना है कि राज्य में उनके गठबंधन को 15 फीसदी मत मिले हैं जो कि भविष्य के विधानसभा चुनाव के लिए तो एक मजबूत आधार हो सकता है लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए नहीं।
जोगी का कहना है कि मेरे पास लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। बकौल जोगी लोग मुझसे कह रहे हैं कि मैं कोरबा से चुनाव लड़ूं लेकिन मैंने ऐसा तय नहीं किया है। जोगी का कहना है कि वे अपना ध्यान भविष्य पर टिकाए हुए हैं और उनका फोकस पार्टी को एक मजबूत क्षेत्रीय ताकत बनाने पर है। वैसे, अभी यह तय नहीं है कि जोगी बीएसपी के लिए प्रचार करेंगे।