फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   No Permission of Discussion on Article 370 in Punjab University Chandigarh

फरमान: पंजाब यूनिवर्सिटी में बिना परमिशन नहीं कर सकते अनुच्छेद 370 और 35ए पर ओपन डिस्कशन

Wed, 14 Aug 2019 11:54 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 14 Aug 2019 11:54 AM IST
विज्ञापन
No Permission of Discussion on Article 370 in Punjab University Chandigarh
पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट - फोटो : अमर उजाला
पीएसयू ललकार छात्र संगठन की तरफ से अनुच्छेद 370 और 35ए पर की जाने वाली ओपन डिस्कशन पर पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रोक लगा दी। इसके बाद जब स्टूडेंट्स ने इस मामले पर प्रेस वार्ता बुलाई तो भी पीयू प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। पीयू के इस फैसले को लेकर स्टूडेंट्स ने रोष जाहिर किया।
विज्ञापन


पीएसयू ललकार छात्र संगठन ने अनुच्छेद 370 और 35ए पर ओपन डिस्कशन का कार्यक्रम रखा था। सूचना मिलने पर एरिया थाना सेक्टर-11 की तरफ से स्टूडेंट्स को इस प्रकार की एक्टीविटी करने पर रोक लगा दी गई। पंजाब यूनिवर्सिटी ने इस मामले पर कहा कि बिना परमिशन अनुच्छेद 370 और 35ए पर कोई डिस्कशन नहीं होगी।
विज्ञापन


जानकारी देते हुए पीएसयू ललकार के स्टूडेंट्स अमन ने बताया कि जब पूरा देश अनुच्छेद 370 पर बात कर रहा है तो यूनिवर्सिटी प्रबंधन उस पर चर्चा करने के लिए रोक लगा रही है। अमन ने कहा कि स्टूडेंट्स यदि देश के गंभीर मुद्दों पर बात नहीं करेंगे तो कौन इस पर प्रतिक्रिया देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


अमन ने बताया कि पीयू प्रशासन का कहना है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले किसी भी मुद्दे को पीयू में छेड़ा नहीं जाएगा, लेकिन अनुच्छेद 370 और 35ए में कोई भी धार्मिक भावना नहीं है।


अब 19 अगस्त को होगी ओपन डिस्कशन
प्रैस वार्ता पर रोक लगने के बाद स्टूडेंट्स ने डीएसडब्ल्यू और पुलिस प्रशासन से बात की और बताया कि अनुच्छेद 370 में किसी प्रकार की धार्मिक भावना को नहीं छेड़ा जाएगा। इसे लेकर एक बैठक भी की गई। इसके बाद 19 अगस्त को इस प्रोग्राम को करने की परमिशन दी गई है। अमन ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों में रोक लगाने का खामियाजा यूनिवर्सिटी को भारी पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed