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पंजाब के छात्रों की परीक्षाएं उनके नजदीकी सेंटर पर करवाने की घोषणा पर उठे सवाल, पूछा...
Mon, 22 Jun 2020 01:11 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2020 01:11 PM IST
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पीयू की ओर से पंजाब के विद्यार्थियों की पंजाब में ही नजदीकी केंद्रों पर परीक्षा कराने की घोषणा के बाद नया सवाल खड़ा हो गया है। छात्रों ने कहा है कि जब पंजाब के विद्यार्थियों की परीक्षाएं उन्हीं के प्रदेश में हो रही हैं तो क्या उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश व अन्य प्रदेशों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं उनके प्रदेशों में होंगी? नियमानुसार तो होनी चाहिए लेकिन ऐसा संभव नहीं लग रहा।
छात्रों ने कहा कि पीयू परीक्षा के नाम पर छात्रों को कोरोना से असुरक्षित कर देगा। पीयू प्लानिंग पूरी तरह सार्वजनिक नहीं कर रहा। छात्र क्या चाहते हैं? इस पर कोई बात नहीं करना चाहता। पीयू एकतरफा निर्णय लेने में लगा हुआ है।
आंकड़ों पर गौर करें तो पीयू में लगभग 16 हजार स्टूडेंट्स हैं। इसके अलावा कॉलेजों में दो लाख से अधिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
पीयू कैंपस में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के आंकड़ों पर गौर करें तो यूआईईटी सबसे बड़ा विभाग है। इस विभाग में तीन हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। इसमें से 50 फीसदी स्टूडेंट्स उत्तर प्रदेश व बिहार के हैं। इसके अलावा यूआईएलएस, लॉ विभाग में भी हिमाचल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली आदि प्रदेशों के विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। मैनेजमेंट कोर्सेज में भी बाहरी राज्यों के सर्वाधिक विद्यार्थी हैं।
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विद्यार्थी बोले- कोई मानक तय कर पास करे पीयू
इस समय कोरोना के कारण सभी विद्यार्थी अपने अपने घरों पर हैं जो फिलहाल पीयू तक नहीं पहुंच सकते। न तो यातायात के साधन हैं और न उनके पास अपने वाहन। साथ ही वह रिस्क भी नहीं लेना चाहते। छात्रों के मुताबिक पीयू को फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को भी कोई एक मानक तय करके पास कर देना चाहिए। वह मानक परीक्षा का भी हो सकता है। आंतरिक मूल्यांकन या प्रोजेक्ट के आधार पर उन्हें प्रमोट कर दिया जाए।
पीयू की प्लानिंग से छात्र हो रहे कंफ्यूज
एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने कहा कि पीयू पंजाब के छात्रों की परीक्षाएं उसी प्रदेश में करवा रहा है तो ऐसे में हर प्रदेश में परीक्षाएं होंगी। क्योंकि पीयू के विद्यार्थी हर प्रदेश में हैं। पीयू की प्लानिंग से छात्र कंफ्यूज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आए दिन पीयू कोई न कोई ऐसी घोषणाएं कर रहा है जो किसी को रास नहीं आ रही है। परीक्षा के नाम पर छात्रों को तनाव दिया जा रहा है।
पीयू गलत निर्णय न लें, हो सकता है छात्रों का नुकसान
पीयू को परीक्षाओं को लेकर निर्णय जल्द लेना चाहिए। छात्र परेशानी में हैं। आइसा अध्यक्ष विजय कुमार ने भी पीयू प्रशासन को आड़े हाथ लिया है। एबीवीपी भी चाहती है कि पीयू कोई गलत निर्णय न ले। जिससे कि छात्रों को नुकसान हो।
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छात्रों ने कहा कि पीयू परीक्षा के नाम पर छात्रों को कोरोना से असुरक्षित कर देगा। पीयू प्लानिंग पूरी तरह सार्वजनिक नहीं कर रहा। छात्र क्या चाहते हैं? इस पर कोई बात नहीं करना चाहता। पीयू एकतरफा निर्णय लेने में लगा हुआ है।
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आंकड़ों पर गौर करें तो पीयू में लगभग 16 हजार स्टूडेंट्स हैं। इसके अलावा कॉलेजों में दो लाख से अधिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
पीयू कैंपस में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के आंकड़ों पर गौर करें तो यूआईईटी सबसे बड़ा विभाग है। इस विभाग में तीन हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। इसमें से 50 फीसदी स्टूडेंट्स उत्तर प्रदेश व बिहार के हैं। इसके अलावा यूआईएलएस, लॉ विभाग में भी हिमाचल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली आदि प्रदेशों के विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। मैनेजमेंट कोर्सेज में भी बाहरी राज्यों के सर्वाधिक विद्यार्थी हैं।
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विद्यार्थी बोले- कोई मानक तय कर पास करे पीयू
इस समय कोरोना के कारण सभी विद्यार्थी अपने अपने घरों पर हैं जो फिलहाल पीयू तक नहीं पहुंच सकते। न तो यातायात के साधन हैं और न उनके पास अपने वाहन। साथ ही वह रिस्क भी नहीं लेना चाहते। छात्रों के मुताबिक पीयू को फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को भी कोई एक मानक तय करके पास कर देना चाहिए। वह मानक परीक्षा का भी हो सकता है। आंतरिक मूल्यांकन या प्रोजेक्ट के आधार पर उन्हें प्रमोट कर दिया जाए।
पीयू की प्लानिंग से छात्र हो रहे कंफ्यूज
एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने कहा कि पीयू पंजाब के छात्रों की परीक्षाएं उसी प्रदेश में करवा रहा है तो ऐसे में हर प्रदेश में परीक्षाएं होंगी। क्योंकि पीयू के विद्यार्थी हर प्रदेश में हैं। पीयू की प्लानिंग से छात्र कंफ्यूज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आए दिन पीयू कोई न कोई ऐसी घोषणाएं कर रहा है जो किसी को रास नहीं आ रही है। परीक्षा के नाम पर छात्रों को तनाव दिया जा रहा है।
पीयू गलत निर्णय न लें, हो सकता है छात्रों का नुकसान
पीयू को परीक्षाओं को लेकर निर्णय जल्द लेना चाहिए। छात्र परेशानी में हैं। आइसा अध्यक्ष विजय कुमार ने भी पीयू प्रशासन को आड़े हाथ लिया है। एबीवीपी भी चाहती है कि पीयू कोई गलत निर्णय न ले। जिससे कि छात्रों को नुकसान हो।