फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   UGC Going to Change Phd Ragistration Guidelines

यूजीसी जारी करेगा पीएचडी को लेकर नई गाइडलाइन, अब ये शर्त पूरी करने पर होगा रजिस्ट्रेशन

Wed, 24 Jun 2020 12:16 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 24 Jun 2020 12:16 PM IST
विज्ञापन
UGC Going to Change Phd Ragistration Guidelines
सांकेतिक तस्वीर
पीएचडी को लेकर यूजीसी नई गाइडलाइन जारी कर रहा है। रिसर्च के जरिये समाज को लाभ मिलना जरूरी है। यह हर रिसर्च में होना चाहिए तभी पीएचडी का रजिस्ट्रेशन होगा। थीसिस की एक कॉपी यूजीसी के पास भी भेजनी होगी। उसकी जांच एक कमेटी करेगी। वह देखेगी कि समाज को उनके रिसर्च से क्या लाभ मिलेगा।
विज्ञापन


सरकार रिसर्च को बढ़ावा दे रही है। हर विश्वविद्यालय भी रिसर्च के जरिये अपनी रैंक को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन रिसर्च के लिए तमाम ऐसे विषयों का चयन हो जाता है, जिससे समाज को कुछ नहीं हासिल हो पाता है। सूत्रों का कहना है कि यूजीसी ने इसे गंभीरता से लेते हुए निर्णय लिया है कि वही पीएचडी मान्य होगी, जिसमें समाज को कुछ न कुछ मिले। यानी रिसर्च के जरिए समाज का विकास होना चाहिए। समाज के विकास से ही देश प्रगति करेगा।
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि यूजीसी ने यह नियम इसी साल से लागू कर दिया है। हर रिसर्च स्कॉलर को रिसर्च के लिए विषय ऐसा लेना होगा कि उसकी डिग्री मान्य हो जाए। डिग्री भी तभी मिलेगी, जब यूजीसी थीसिस को हरी झंडी दे देगी। मालूम हो कि पीयू में हर साल 400 से अधिक विद्यार्थी रिसर्च करते हैं। इस बात का यहां भी ध्यान रखा जाएगा ताकि किसी रिसर्च स्कॉलर को नुकसान न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed