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Hindi News ›   Chandigarh ›   Vice President is serious about online studies, says - students will not suffer loss, will check truth

ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर उपराष्ट्रपति गंभीर, बोले- होने नहीं देंगे छात्रों का नुकसान, सत्यता जांचेंगे

Fri, 17 Apr 2020 03:11 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 17 Apr 2020 03:11 PM IST
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Vice President is serious about online studies, says - students will not suffer loss, will check truth
फाइल फोटो
लॉकडाउन के बीच विद्यार्थियों को करवाई जा रही ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर उपराष्ट्रपति एवं चांसलर वेंकैया नायडू गंभीर हो गए हैं। उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा है कि उनकी बात को गहनता से सुना है। उन्हें कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। ऑनलाइन पढ़ाई में आ रही बाधाओं को लेकर की गई शिकायत के बाद उपराष्ट्रपति कार्यालय से स्टूडेंट काउंसिल अध्यक्ष चेतन चौधरी को पत्र भेजा गया है। साथ ही पीयू को भी इस संबंध में पत्र भेजने की बात कही है। यानी पीयू के अधिकारियों से वह ऑनलाइन पढ़ाई की सत्यता जांचेंगे।
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लॉकडाउन बढ़ता देख यूजीसी के आदेश पर पीयू प्रशासन ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी थी। कुछ शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पढ़ाना शुरू कर दिया। इसका लाभ कुछ ही विभागों के विद्यार्थियों को मिला। कुछ शिक्षक इस कला में पारंगत नहीं थे तो उनके लिए पीयू प्रशासन की ओर से वर्कशॉप का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के बाद कुछ शिक्षकों ने ऑनलाइन पढ़ाई और शुरू कर दी। 70 फीसदी शिक्षकों ने ऑनलाइन पढ़ाना शुरू कर दिया, लेकिन इस पढ़ाई के दायरे में सभी विद्यार्थी नहीं आ रहे।
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इसी बीच चांसलर वेंकैया नायडू के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पीयू के अधिकारियों ने परीक्षा भी 15 दिन में खत्म करने का खाका उनके सामने रख दिया। इससे छात्रसंघ के पदाधिकारियों में आक्रोश आ गया। उनका कहना था कि एक तो ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो रही है और ऊपर से परीक्षाएं भी जल्द करवाने की बात सामने रख दी।
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चेतन ने की उपराष्ट्रपति से दखल देने की मांग

इसी को लेकर छात्रसंघ अध्यक्ष चेतन चौधरी ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को पत्र लिखा। उन्होंने पीयू प्रशासन की ओर से करवाई जा रही ऑनलाइन पढ़ाई पर सवाल खड़े किए। कहा कि कुछ ही शिक्षक यह पढ़ाई करवा रहे हैं और उनके पास गांवों के विद्यार्थी नहीं जुड़ पा रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन पढ़ाई का पूरा लाभ सभी छात्रों को नहीं मिल रहा।

इस मामले में दखल देते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी। मेल उप राष्ट्रपति कार्यालय को मिली तो वहां से उनके निजी सचिव प्रशांथ कुमार रेड्डी ने चेतन चौधरी को मेल किया और फोन भी किया। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यह मामला गंभीर है। इस संबंध में पीयू प्रशासन से जानकारी मांगी जा रही है। विद्यार्थियों का कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

परीक्षाएं भी 15 दिन में कराने का प्रस्ताव टलेगा
लॉकडाउन खुलने के बाद पीयू प्रशासन ने परीक्षाएं 15 दिन में कराने का प्लान बना रहा था। यह मामला सार्वजनिक हुआ तो इसका कड़ा विरोध हुआ। कहा गया कि विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी हुई नहीं और जल्दबाजी में पीयू प्रशासन एग्जाम करवाकर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहता है। यह मामला भी चांसलर तक पहुंचाया गया। सूत्रों का कहना है कि एग्जाम भी अब 15 दिन में खत्म नहीं किए जा सकेंगे। कम से कम विद्यार्थियों को 25 दिन इसके लिए मिल सकते हैं।
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