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पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी राजकुमार व डीयूआई ने दी हरी झंडी, पुटा चुनाव का रास्ता अब साफ
Mon, 21 Sep 2020 01:17 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2020 01:17 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिशन (पुटा) के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। वीसी प्रो. राजकुमार व डीयूआई प्रो. आरके सिंगला के पास ऑडिटोरियम बुकिंग के लिए भेजे प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही पुटा चुनाव लड़ रहे दोनों ग्रुपों के सदस्यों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। अब सवाल यह भी खड़ा हो गया कि पुटा चुनाव के दौरान यदि कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी भी पीयू के अफसरों की होगी।
पुटा चुनाव का बिगुल बजने से पहले चुनाव अधिकारी प्रो. विजय नागपाल की ओर से चुनाव स्थल का चयन किया गया। इसके लिए इवनिंग व इंग्लिश ऑडिटोरियम का चयन हुआ है जबकि हर साल लॉ ऑडिटोरियम में चुनाव होते थे। यह बात जब शिक्षकों को पता चली तो उन्होंने भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि लॉ ऑडिटोरियम में दो प्रवेश द्वार हैं। निकलने का गेट भी अलग है। कोरोना के चलते यह अधिक सुरक्षित रहता, लेकिन ऐसा नहीं किया।
.. तो इसलिए नहीं किया गया लॉ ऑडिटोरियम का चयन
सूत्रों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी की ओर से लॉ ऑडिटोरियम नहीं दिया जाता तो दिक्कत होती और चुनाव स्थगित की ओर कदम बढ़ाता। ऑडिटोरियम बुकिंग को मंजूरी मिलने का मतलब है कि पीयू प्रशासन चुनाव में अड़ंगा नहीं लगाएगा और वह चुनाव करवाने के लिए राजी है। क्योंकि अधिकारी इसलिए भी बच रहे थे कि यदि चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण हो गया तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होगा। हालांकि अब उसकी पूर्ति हो गई।
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सूत्रों का कहना है कि इंग्लिश व इवनिंग स्टडीज विभाग को जब ऑडिटोरियम बुकिंग के लिए चिट्ठी मिली तो उन्होंने इसके लिए मना तो नहीं किया लेकिन वहां के जिम्मेदार लोग इसे अपने गले पर भी नहीं लेना चाहते थे और उन्होंने ऑडिटोरियम बुकिंग का प्रार्थना पत्र डीयूआई के पास भेज दिया। उन्होंने यह प्रकरण वीसी तक पहुंचाया। सूत्रों का कहना है कि इसके बाद ऑडिटोरियम में चुनाव करवाने की मंजूरी मिल गई। ऑडिटोरियम को मंजूरी देने का अर्थ है कि पीयू चुनाव में दखल नहीं देगा और चुनाव करवाए जा सकते हैं।
शिक्षकों की चिट्ठी दरकिनार
पीयू के छह शिक्षकों ने वीसी समेत कई अधिकारियों को चिट्ठी लिखी थी कि कोरोना का डर लगातार बढ़ रहा है। असुरक्षित माहौल में चुनाव करवाना ठीक नहीं हैं। पहले ही केस कई आ रहे हैं। कई अन्य कारण भी पीयू के अधिकारियों को दिए गए। सूत्रों का कहना है कि उस पत्र को पीयू प्रशासन के अधिकारियों ने दरकिनार कर दिया है। यही कारण है कि ऑडिटोरियम को मंजूरी दे दी गई। अब ये शिक्षक दूसरे प्लेटफार्म पर जाने की इच्छा जता रहे हैं, लेकिन यह भी कह रहे हैं कि पीयू कैंपस में हो रहे इस चुनाव में किसी के साथ अनहोनी होती है तो उसके जिम्मेदार ऑडिटोरियम को मंजूरी देने वाले अधिकारी होंगे।
पुटा चुनाव के लिए ऑडिटोरियम की बुकिंग को वीसी व डीयूआई की ओर से पास कर दिया गया है। विभागों की ओर से यह पत्र डीयूआई के पास पहुंचा था और उन्होंने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया था।
- रेनुका बी सलवान, डीपीआर, पीयू
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पुटा चुनाव का बिगुल बजने से पहले चुनाव अधिकारी प्रो. विजय नागपाल की ओर से चुनाव स्थल का चयन किया गया। इसके लिए इवनिंग व इंग्लिश ऑडिटोरियम का चयन हुआ है जबकि हर साल लॉ ऑडिटोरियम में चुनाव होते थे। यह बात जब शिक्षकों को पता चली तो उन्होंने भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि लॉ ऑडिटोरियम में दो प्रवेश द्वार हैं। निकलने का गेट भी अलग है। कोरोना के चलते यह अधिक सुरक्षित रहता, लेकिन ऐसा नहीं किया।
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.. तो इसलिए नहीं किया गया लॉ ऑडिटोरियम का चयन
सूत्रों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी की ओर से लॉ ऑडिटोरियम नहीं दिया जाता तो दिक्कत होती और चुनाव स्थगित की ओर कदम बढ़ाता। ऑडिटोरियम बुकिंग को मंजूरी मिलने का मतलब है कि पीयू प्रशासन चुनाव में अड़ंगा नहीं लगाएगा और वह चुनाव करवाने के लिए राजी है। क्योंकि अधिकारी इसलिए भी बच रहे थे कि यदि चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमण हो गया तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होगा। हालांकि अब उसकी पूर्ति हो गई।
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सूत्रों का कहना है कि इंग्लिश व इवनिंग स्टडीज विभाग को जब ऑडिटोरियम बुकिंग के लिए चिट्ठी मिली तो उन्होंने इसके लिए मना तो नहीं किया लेकिन वहां के जिम्मेदार लोग इसे अपने गले पर भी नहीं लेना चाहते थे और उन्होंने ऑडिटोरियम बुकिंग का प्रार्थना पत्र डीयूआई के पास भेज दिया। उन्होंने यह प्रकरण वीसी तक पहुंचाया। सूत्रों का कहना है कि इसके बाद ऑडिटोरियम में चुनाव करवाने की मंजूरी मिल गई। ऑडिटोरियम को मंजूरी देने का अर्थ है कि पीयू चुनाव में दखल नहीं देगा और चुनाव करवाए जा सकते हैं।
शिक्षकों की चिट्ठी दरकिनार
पीयू के छह शिक्षकों ने वीसी समेत कई अधिकारियों को चिट्ठी लिखी थी कि कोरोना का डर लगातार बढ़ रहा है। असुरक्षित माहौल में चुनाव करवाना ठीक नहीं हैं। पहले ही केस कई आ रहे हैं। कई अन्य कारण भी पीयू के अधिकारियों को दिए गए। सूत्रों का कहना है कि उस पत्र को पीयू प्रशासन के अधिकारियों ने दरकिनार कर दिया है। यही कारण है कि ऑडिटोरियम को मंजूरी दे दी गई। अब ये शिक्षक दूसरे प्लेटफार्म पर जाने की इच्छा जता रहे हैं, लेकिन यह भी कह रहे हैं कि पीयू कैंपस में हो रहे इस चुनाव में किसी के साथ अनहोनी होती है तो उसके जिम्मेदार ऑडिटोरियम को मंजूरी देने वाले अधिकारी होंगे।
पुटा चुनाव के लिए ऑडिटोरियम की बुकिंग को वीसी व डीयूआई की ओर से पास कर दिया गया है। विभागों की ओर से यह पत्र डीयूआई के पास पहुंचा था और उन्होंने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया था।
- रेनुका बी सलवान, डीपीआर, पीयू