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पीयू सिंडीकेट की बैठक में यूजीसी की गाइडलाइंस का विरोध, परीक्षा संबंधी निर्णय के लिए कमेटी गठित

Tue, 14 Jul 2020 11:51 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 14 Jul 2020 11:51 AM IST
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protest against UGC guidelines in punjab university syndicate meeting
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
पंजाब विश्वविद्यालय की सिंडिकेट बैठक ने यूजीसी की गाइडलाइंस को नहीं अपनाया। इस दौरान अधिकांश सदस्यों ने परीक्षाओं का विरोध किया। इसके साथ ही हंगामा भी हुआ। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं किसी हाल में नहीं होनी चाहिएं। इस पर लंबी बहस चली।
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आखिर में सीनियर सिंडिकेट मेंबर प्रो. नवदीप गोयल की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई, जो सब कुछ तय करेगी कि पीयू को किस ओर जाना है। परीक्षाएं करवानी चाहिएं या नहीं। वहीं यह भी तय करेगी कि अगर परीक्षाएं होंगी तो उसका संचालन कैसे होगा। फिलहाल सिंडिकेट ने प्रस्ताव पास किया है कि यूजीसी अपने परीक्षा नियमों में बदलाव करे। यह प्रस्ताव यूजीसी व मंत्रालय को भेजा जाएगा।
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परीक्षा को लेकर बैठक में बहस चलती रही। सदस्य राजेंद्र भंडारी ने कहा कि यूजीसी की गाइडलाइंस का पालन किया जाना चाहिए। यूजीसी बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर परीक्षाएं करवाने जा रही है। इसका सभी को समर्थन करना चाहिए। वहीं गोयल ग्रुप ने कहा कि छात्रों के हितों को पहले देखा जाना चाहिए।
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सदस्य डीपीएस रंधावा ने कहा कि पीयू में देशभर के स्टूडेंट पढ़ते हैं जो परीक्षा देने में असमर्थ होंगे। उन्होंने शून्य सत्र में यह भी कहा कि अगस्त से नया सेशन शुरू करते हुए ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवा देनी चाहिए। परीक्षा के प्रकरण पर बहस हुई और आखिर में कमेटी बनाकर एकेडमिक कैलेंडर पर भी बातचीत हुई।

प्रो. एसके तोमर बने डीएसडब्ल्यू
पीयू के डीएसडब्ल्यू बनाने का प्रस्ताव जब सिंडिकेट में आया तो कुछ लोगों ने इस मुद्दे पर बहस की लेकिन आखिर में सभी ने हामी भी भर दी। कहा कि वीसी प्रस्ताव लेकर आए हैं तो ठीक है। प्रो. एसके तोमर को डीएसडब्ल्यू बना दिया गया। सदस्य डीपीएस रंधावा ने कहा कि स्टूडेंट काउंसिल का कार्यकाल तब तक बढ़ाया जाए जब तक नई काउंसिल नहीं आ जाती। इस पर भी एक कमेेटी बनाई गई है जो इस बारे में विचार करेगी कि काउंसिल का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा या नहीं।


इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को मिला इंप्रूवमेंट का मौका
सिंडिकेट की बैठक में इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को इंप्रूवमेंट का मौका दिया गया। जिन स्टूडेंट्स के छह सीजीपीए से कम अंक होंगे, वे अपने सेमेस्टर के दौरान इंप्रूवमेंट का लाभ उठा जाएंगे। सदस्य डीपीएस रंधावा ने कहा कि एआईसीटीई की गाइडलाइंस भी इस प्रकरण में देखी जाएं। पीयू के कर्मचारियों को बाहर निकलाने व कम वेतन आदि देने के मामले में एक कमेटी बनाई गई। इसके साथ ही कश्मीरी हिंदू परिवारों के छात्रों को आरक्षण देने का भी प्रस्ताव आया। इस पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
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