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पंजाब यूनिवर्सिटी के तीन हजार शिक्षक और कर्मचारियों पर कोरोना की मार, नहीं मिलेगा महंगाई भत्ता

Thu, 03 Sep 2020 12:42 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 03 Sep 2020 12:42 AM IST
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punjab university teachers and employees will not get dearness allowance
पंजाब यूनिवर्सिटी - फोटो : फाइल फोटो

पंजाब यूनिवर्सिटी के लगभग तीन हजार शिक्षक व कर्मचारियों को महंगाई भत्ता नहीं मिलेगा। पीयू ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। जनवरी 2021 तक महंगाई भत्ते का लाभ नहीं मिल पाएगा। इससे शिक्षकों व कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इन सभी में आक्रोश है लेकिन केंद्र के आदेश होने के बाद इसका पुरजोर विरोध भी नहीं कर सकते।

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कोरोना के कारण लगभग दो माह तक लॉकडाउन रहा। इस कारण केंद्र सरकार के खजाने में कोई टैक्स की रकम नहीं आ पाई और पैसे का संकट खड़ा हो गया। सरकार ने सभी केंद्रीय कर्मचारियों व उससे जुड़े संस्थानों के लोगों को महंगाई भत्ता देने से इनकार कर दिया। इसके आदेश सभी जगह पहुंचे। 
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पीयू को भी पत्र मिला। विश्वविद्यालय ने इस पर काम करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया और सिंडिकेट की बैठक में भेज दिया। वहां से इस पर मुहर लगी और वित्त विभाग के पास भेज दिया गया। अब वित्त विभाग ने इस पर फाइनल मुहर लगा दी है। आदेश जारी कर दिए हैं कि महंगाई भत्ता नहीं मिल सकेगा। केंद्र सरकार की महंगाई भत्ते की जो गाइडलाइन थीं उसे पीयू ने स्वीकार कर लिया और इसकी सूचना केंद्र सरकार को भेज दी।

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एरियर पर भी खड़ा हुआ संकट

पीयू के आंकड़ों को देखें तो यहां स्थायी शिक्षकों की संख्या लगभग 750 है। कर्मचारियों की संख्या 2200 से अधिक है। कुल मिलाकर 2950 लोगों को महंगाई भत्ता हर साल मिलता है। इस बार भी लगभग 15 करोड़ से अधिक रकम महंगाई भत्ते के रूप में मिलने वाली थी। इसका इंतजार भी शिक्षक व कर्मचारी कर रहे थे। यह भी बात सामने आ रही है कि एरियर भी शिक्षक व कर्मचारियों का रुक सकता है। हालांकि इस पर पीयू ने अभी फाइनल निर्णय नहीं लिया है।

पीयू की आंतरिक कमाई रुकी
पीयू को केंद्र सरकार से केवल वेतन का बजट ही मिल रहा है और वह भी पूरा नहीं। सितंबर माह के वेतन के लिए पैसे तो हैं, लेकिन पूरे नहीं हैं। ऐसे में पीयू अपने अन्य मदों से वेतन का जुगाड़ कर रहा है। पीयू की आंतरिक कमाई फीस, दुकानों व कैंटीनों का किराया, गेस्ट हाउस किराया अन्य माध्यमों से होती थी, लेकिन यह बंद है। फीस भी आ रही है, लेकिन वह भी पूरी जमा नहीं हो पा रही है। आंतरिक कमाई रुकने से पीयू का खजाना खाली हो रहा है।

केंद्र सरकार की ओर से महंगाई भत्ता फ्रीज कर दिया गया था। पीयू ने केंद्र के आदेश अब स्वीकार कर लिए हैं। इसके लिए अब पीयू ने भी सभी को अवगत करा दिया है। - विक्रम नैयर, एफडीओ, पीयू

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