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पंजाब यूनिवर्सिटी में पुरानी कमेटी करेगी यौन शोषण मामलों की जांच, और मुहर लगाएगी सिंडिकेट

Thu, 05 Mar 2020 01:45 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 05 Mar 2020 01:45 PM IST
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The old committee will investigate punjab university sexual harassment cases
प्रतीकात्मक तस्वीर
पंजाब यूनिवर्सिटी के सेक्सुअल हरासमेंट के मामलों की जांच पुरानी ही कमेटी करेगी। एक दो नए सदस्यों को जगह जरूर मिली है, लेकिन बाकी कमेटी मेंबर लगभग वही हैं। सिंडिकेट की 8 मार्च को होने जा रही बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगेगी। यह कमेटी महत्वपूर्ण रोल अदा करती है। सेक्सुअल हरासमेंट के मामलों की जांच के लिए पीयूकैश कमेटी बनी है। इस कमेटी में पिछले साल तक नौ सदस्य होते थे, लेकिन इस बार संख्या बढ़ाकर 11 कर दी गई है।
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पीयू की ओर से पिछले साल एक कमेटी बनाई गई थी लेकिन उसमें शामिल किए गए नामों पर विरोध दर्ज करा दिया गया। आरोप भी कमेटी के एक दो मेंबरों पर गंभीर लगे। साथ ही पीयू के ही पूर्व प्रोफेसरों ने वीसी को चिट्ठी लिखी थी। विवाद बढ़ता देख पीयू प्रशासन ने नई कमेटी को भंग कर दिया और पुरानी ही कमेटी को बहाल कर दिया गया। अब साल बदल गया। ऐसे में नई कमेटी बनाई जानी चाहिए थी। नई कमेटी पीयू की ओर से बनाने की बजाय पुरानी ही कमेटी को फिर से अधिकार दिए जा रहे हैं। सिंडिकेट की बैठक में इस कमेटी को पास कर दिया जाएगा।
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सेंटर फॉर वीमेन स्टडीज की प्रो. मनविंदर कौर को पीयूकैश कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया है। इनके अलावा प्रो. रजत संधीर, प्रो. योजना रावत, डिप्टी रजिस्ट्रार पूनम चोपड़ा, एसओ इंदर मोहन, डॉ. नवनीत कौर, पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट से एडिशनल एडवोकेट जनरल रीता कोहली, एडवोकेट सुबरीत कौर, सुनीता धारीवाल, बॉटनी विभाग से प्रो. प्रोमिला पाठक, वीमेन स्टडीज से डॉ. अमीर सुल्ताना कमेटी में मेंबर बनाई गई हैं।
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इस बार सीनेट के चुनाव में 60 लाख रुपये खर्च होंगे। पिछले चुनाव में भी बजट यही था। इस बार बजट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। पीयू प्रशासन ने ऐसा निर्णय लेकर अपने खजाने में पैसे बचाने की कोशिश की है। इस निर्णय को अच्छा माना जा रहा है। पीयू अपने खर्चे कम करके अपना बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है। यह प्रस्ताव भी बैठक में लाया जा रहा है। इसके अलावा कई अन्य प्रस्ताव भी शामिल हैं, जिन पर मुहर लगेगी।
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