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हरियाणा: 3.35 लाख एकड़ बढ़ाया कपास का रकबा, पिंक बॉल वर्म को नियंत्रित करने की कार्य योजना भी बनी

Thu, 24 Mar 2022 10:36 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 24 Mar 2022 10:36 AM IST
सार

कपास में पिंक बॉल वर्म के गंभीर खतरे को ध्यान में रखते हुए विभाग ने कपास उत्पादक जिलों के लगभग 85 प्रतिशत गांवों को चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय (हिसार) के साथ मिलकर किसानों को मेलों, गोष्ठियों और प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षित कर दिया है।

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The area under cotton cultivation increased in Haryana this year
कपास - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरियाणा सरकार ने खरीफ-2022 सीजन के लिए कपास का रकबा 3.35 लाख एकड़ बढ़ा दिया है। इस बार 19.25 लाख एकड़ कपास उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। पिछले सीजन में 15.90 लाख एकड़ में कपास उगाई गई थी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पिंक बॉल वर्म को नियंत्रित करने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली है। 

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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि 31 मार्च तक सभी कपास पिराई कारखानों और तेल मिलों के पुराने स्टॉक की सफाई करने का निर्देश दिया है। सभी फैक्टरी मालिकों, भारतीय कपास निगम सिरसा के अधिकारियों और फील्ड अधिकारियों के साथ गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा व निगरानी के लिए 24 मार्च को बैठक बुलाई है। फील्ड स्टाफ को किसान जागरुकता अभियान पूरा करने को कहा है।
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प्रदेश में कपास मुख्य रूप से सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, जींद, सोनीपत, पलवल गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, चरखी दादरी, नारनौल, झज्जर, पानीपत, कैथल, रोहतक और मेवात जिलों में उगाई जाती है। पिछले सीजन में कुछ हिस्सों में पिंक बॉल वर्म से कपास की फसल को नुकसान हुआ था। कपास में पिंक बॉल वर्म के गंभीर खतरे को ध्यान में रखते हुए विभाग ने कपास उत्पादक जिलों के लगभग 85 प्रतिशत गांवों को चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय (हिसार) के साथ मिलकर किसानों को मेलों, गोष्ठियों और प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षित कर दिया है।
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कृषि महानिदेशक डॉ. हरदीप सिंह ने बताया कि कपास की खेती के क्षेत्र को बढ़ाने और बेहतर उत्पादन के लिए पूरे फसल मौसम में विभिन्न सलाह को लागू करने के लिए साप्ताहिक गतिविधि कैलेंडर तैयार किया है। उपज में हानि से किसानों को बचाने के लिए पिंक बॉल वर्म के प्रबंधन पर विशेष जोर दे रहे हैं। बीटी कपास बीज के लगभग 60 लाख पैकेट की व्यवस्था की गई है। यह आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त है।

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