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चंडीगढ़ में 15 अक्तूबर से स्कूल खोलने को लेकर परिजनों से मांगे सुझाव, स्कूलों को देनी है रिपोर्ट
Wed, 07 Oct 2020 01:43 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2020 01:43 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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शिक्षा मंत्रालय ने कोरोना महामारी के कारण लंबे समय से बंद स्कूल क्रमबद्ध तरीके से 15 अक्तूबर से दोबारा खुलने के निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि स्वास्थ्य, साफ-सफाई, सुरक्षा और सोशल डिस्टेंसिंग के मानक का पालन करते हुए पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए अपनी खुद की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करें। इसको लेकर यूटी शिक्षा विभाग ने निजी और सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे अभिभावकों से सुझाव लेने शुरू कर दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी राजिंदर कौर ने बताया कि निजी और सरकारी स्कूल प्रमुखों को अभिभावकों से चर्चा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल व्हाट्सएप, ई-मेल और फोन के जरिए अभिभावकों से स्कूल खोलने को लेकर सुझाव लेंगे। स्कूलों को अभिभावकों की तरफ से दिए गए सुझावों की रिपोर्ट तैयार कर 8 अक्तूबर तक शिक्षा विभाग को सौंपनी होगी। अभिभावकों के सुझाव के आधार पर शिक्षा विभाग बैठक करके 15 अक्तूबर के बाद चरणबद्ध तरीके से दोबारा स्कूल खोलने को लेकर निर्णय लेगा।
अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद ही जा सकेंगे स्कूल
शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्र अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद ही स्कूल जा सकेंगे। स्कूल में उपस्थिति के नियमों को लेकर ढील दी जाएगी। विद्यार्थी स्कूल जाने के स्थान पर ऑनलाइन क्लासेज का भी चयन कर सकेंगे। मंत्रालय ने छात्रों के मूल्यांकन के लिए कागज-कलम से होने वाले टेस्ट के स्थान पर सिखाने वाली प्रक्रिया को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया है। स्कूल खुलने के दो से तीन सप्ताह तक किसी तरह की मूल्यांकन प्रक्रिया नहीं की जाएगी। इसके साथ ही ऑनलाइन लर्निंग को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिला शिक्षा अधिकारी राजिंदर कौर ने बताया कि निजी और सरकारी स्कूल प्रमुखों को अभिभावकों से चर्चा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल व्हाट्सएप, ई-मेल और फोन के जरिए अभिभावकों से स्कूल खोलने को लेकर सुझाव लेंगे। स्कूलों को अभिभावकों की तरफ से दिए गए सुझावों की रिपोर्ट तैयार कर 8 अक्तूबर तक शिक्षा विभाग को सौंपनी होगी। अभिभावकों के सुझाव के आधार पर शिक्षा विभाग बैठक करके 15 अक्तूबर के बाद चरणबद्ध तरीके से दोबारा स्कूल खोलने को लेकर निर्णय लेगा।
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अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद ही जा सकेंगे स्कूल
शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्र अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद ही स्कूल जा सकेंगे। स्कूल में उपस्थिति के नियमों को लेकर ढील दी जाएगी। विद्यार्थी स्कूल जाने के स्थान पर ऑनलाइन क्लासेज का भी चयन कर सकेंगे। मंत्रालय ने छात्रों के मूल्यांकन के लिए कागज-कलम से होने वाले टेस्ट के स्थान पर सिखाने वाली प्रक्रिया को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया है। स्कूल खुलने के दो से तीन सप्ताह तक किसी तरह की मूल्यांकन प्रक्रिया नहीं की जाएगी। इसके साथ ही ऑनलाइन लर्निंग को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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