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यूजीसी का आदेशः छात्रों को पढ़ने में दिक्कत न हो, ज्यादा से ज्यादा किताबें की जाएं ऑनलाइन
Fri, 17 Jul 2020 03:04 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2020 03:04 PM IST
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कोरोना काल में छात्र लाइब्रेरी का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। ई-लाइब्रेरी की खोज नेट पर कर रहे हैं। कुछ किताबें उन्हें वहां उपलब्ध हो पा रही हैं तो कुछ नहीं। इसी के चलते यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों से कहा है कि छात्रों की समस्या का निराकरण करें। किताबों को ऑनलाइन करते हुए उनके लिंक संबंधित छात्रों को भेजें।
देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लाइब्रेरियां काफी हैं। लाखों करोड़ों की संख्या में किताबें हैं। हर साल किताबें बड़ी संख्या में खरीदी भी जाती हैं। छात्रों की डिमांड पर भी संस्थान किताबें लाइब्रेरी तक लाते हैं। पीयू में भी बड़ी संख्या में किताबें आती हैं। विभागों की लाइब्रेरी में भी पुस्तकें भेजी जाती हैं। लाखों रुपये इन किताबों पर खर्च होता है।
इसका लाभ भी विद्यार्थी उठाते हैं। परीक्षा के समय लाइब्रेरी में बैठने तक की जगह नहीं होती है। इस बार माहौल अलग है। विद्यार्थी कॉलेज या विश्वविद्यालय नहीं आ सकते। आगे भी कोरोना बढ़ेगा। इसके कारण पुस्तकालयों का लाभ छात्र नहीं उठा पाएंगे। इसी को देखते हुए यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों से कहा है कि किताबें अधिक से अधिक ऑनलाइन की जाएं।
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उनके लिंक आदि के बारे में छात्रों को बताया जाए। कक्षावार किताबों की संख्या, जो ऑनलाइन हों, उसके बारे में भी जानकारी छात्रों को दी जाए।
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देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लाइब्रेरियां काफी हैं। लाखों करोड़ों की संख्या में किताबें हैं। हर साल किताबें बड़ी संख्या में खरीदी भी जाती हैं। छात्रों की डिमांड पर भी संस्थान किताबें लाइब्रेरी तक लाते हैं। पीयू में भी बड़ी संख्या में किताबें आती हैं। विभागों की लाइब्रेरी में भी पुस्तकें भेजी जाती हैं। लाखों रुपये इन किताबों पर खर्च होता है।
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इसका लाभ भी विद्यार्थी उठाते हैं। परीक्षा के समय लाइब्रेरी में बैठने तक की जगह नहीं होती है। इस बार माहौल अलग है। विद्यार्थी कॉलेज या विश्वविद्यालय नहीं आ सकते। आगे भी कोरोना बढ़ेगा। इसके कारण पुस्तकालयों का लाभ छात्र नहीं उठा पाएंगे। इसी को देखते हुए यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों से कहा है कि किताबें अधिक से अधिक ऑनलाइन की जाएं।
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उनके लिंक आदि के बारे में छात्रों को बताया जाए। कक्षावार किताबों की संख्या, जो ऑनलाइन हों, उसके बारे में भी जानकारी छात्रों को दी जाए।