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छात्रों ने दी चेतावनी- पंजाब यूनिवर्सिटी समस्या का समाधान करे, नहीं तो उग्र हो जाएगा आंदोलन

Mon, 31 Aug 2020 12:40 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 31 Aug 2020 12:40 PM IST
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students warning to punjab university to sort out fees issue
भूख हड़ताल पर बैठे एनएसयूआई कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
फीस माफी के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी में एनएसयूआई 16 दिन से भूख हड़ताल श्रंखला चला रही है और एबीवीपी 25 दिन से हड़ताल पर है। छात्रों का गुस्सा चरम पर है। छात्रों ने रोष जताते हुए कहा कि कोरोना काल में आर्थिक तंगी के चलते फीस माफ करवाने के लिए हम भूखे प्यासे हड़ताल पर बैठे हैं और पीयू प्रशासन के अफसर एसी की हवा में मौज काट रहे हैं। उन्हें छात्रों की समस्या से कोई सरोकार नहीं है। अब होगा उग्र आंदोलन होगा।
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छात्रों ने कहा कि उनकी फीस माफ हो या फिर उन्हें बड़ी छूट प्रदान की जाए, लेकिन पीयू प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। अब छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को वह बड़ा आंदोलन कर सकते हैं। कोरोना के चलते तमाम लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। गरीब परिवारों के छात्रों के पास फीस जमा करने के लिए पैसे तक नहीं हैं। यह बात छात्र संगठनों को पता चली तो उन्होंने पीयू प्रशासन के सामने यह मांग रखी। कहा कि छात्रों की फीस माफ कर दी जाए, लेकिन पीयू ने एक नहीं सुनी। उसके बाद छात्रों ने हड़ताल शुरू कर दी।
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तमाम छात्रों ने हाल ही में प्रदर्शन किया। बावजूद इसके कोई अधिकारी सामने नहीं आया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कोरोना का भी खतरा है। शिक्षकों का भी कहना है कि पीयू के अधिकारियों को बाहर आना होगा तभी बात बन सकती है। छात्र हैं तो विश्वविद्यालय है। सीनेट व सिंडिकेट के सदस्य अपने मुद्दों पर हमेशा आगे खड़े रहते हैं। अब वह मौन हैं। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें छात्रों के लिए आगे आना चाहिए।
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पीयू को छात्रों से कोई लेना-देना नहीं
पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी कार्यालय के बाहर फीस माफी समेत कई मांगों को लेकर एनएसयूआई की चल रही भूख हड़ताल श्रंखला जारी है। छात्र भूखे-प्यासे हर दिन बैठ रहे हैं। बारिश में भी भीग रहे हैं लेकिन इसका पीयू प्रशासन पर असर नहीं हो रहा है। अब छात्रों का सब्र का बांध टूट रहा है। वह कभी भी वीसी आवास का घेराव कर उग्र आंदोलन कर सकते हैं। इसकी रणनीति बनाई जा रही है। पीयू के अधिकारियों को छात्रों से कोई लेना-देना नहीं है। यही कारण है कि छात्र भूख हड़ताल कर रहे हैं और आज तक कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया।

- निखिल नरमेटा, अध्यक्ष एनएसयूआई

पीयू प्रशासन छात्रों को हल्के में ले रहा
फीस को लेकर एबीवीपी की लगातार हड़ताल चल रही है। हर दिन उनके कार्यकर्ता पीयू वीसी के गेट के बाहर तंबू लगाकर बैठ रहे हैं। बारिश में भी वह भीग रहे हैं। बावजूद इसके पीयू प्रशासन नहीं पसीज रहा। छात्रों की फीस माफ करने से लेकर कई मुद्दे उनके पास हैं। अब उनका भी गुस्सा बढ़ रहा है। पीयू प्रशासन अभी छात्रों को हल्के में ले रहा है। शायद उन्हें किसी अनहोनी का इंतजार है। पीयू को हमने काफी समय दिया कि आकर अधिकारी बात करें लेकिन किसी ने आने की जहमत नहीं उठाई। अब छात्र भी उनकी सुनने वाले नहीं हैं।
- हरीश गुर्जर, अध्यक्ष एबीवीपी
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